लोकतंत्र की चौखट पर वोट का सवाल, दिल्ली में बांदा कांग्रेस ने बुलंद की आवाज
आमोद कुमार
बांदा। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का मत है। जब उसी मत की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हों तो खामोशी भी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने जैसी है। इसी मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में बांदा के हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित वोट बचाओ, देश बचाओ रैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।बस, रेल और निजी वाहनों से दिल्ली पहुंचे कांग्रेसियों ने कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक निकाले गए मार्च में हिस्सा लेकर कथित वोट चोरी के खिलाफ आवाज बुलंद की। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर जुटे कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और ऐलान किया कि यह लड़ाई मांग पूरी होने तक जारी रहेगी।राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आयोजित इस रैली ने कांग्रेस के आंदोलन को राजनीतिक धार देने का प्रयास किया।जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने रैली में शामिल सभी पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों, पूर्व नगरपालिका अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से जुटने का आह्वान किया।अब सवाल केवल दिल्ली की रैली में भीड़ जुटाने का नहीं, बल्कि उस राजनीतिक ऊर्जा को गांव, कस्बों और बूथों तक पहुंचाने का है। लोकतंत्र बचाने का नारा तभी सार्थक होगा, जब संगठन अपनी आवाज को जनविश्वास और जमीनी संघर्ष में बदल सके।
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