गुरु ग्रंथ साहिब के निरादर के आरोप पर सिख समाज ने जताई नाराजगी, नगर कीर्तन पर रोक की मांग

अब तक न्याय/अनिल कुमार
जिला ब्यूरो चीफ

मोहम्मदी। निर्मल आश्रम खीरी के महंत और उनके शिष्यों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के निरादर का आरोप लगाते हुए सिख समाज ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। बुधवार को गुरुद्वारा दशमेश प्रकाश मोहम्मदी की प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आश्रम की ओर से प्रस्तावित नगर कीर्तन पर रोक लगाने की मांग की ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बीती 8 अक्टूबर को निर्मल आश्रम खीरी के महंत और उनके शिष्यों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी एवं पवित्र गुरुवाणी का निरादर किया गया था। इस घटना से सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि आश्रम की ओर से गुरु नानक प्रकाश दिवस के अवसर पर नगर कीर्तन निकालने की तैयारी की जा रही है। सिख समाज ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक आश्रम को नगर कीर्तन निकालने की अनुमति न दी जाए ज्ञापन के माध्यम से सिख समाज ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही क्षेत्र में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की गई इस मौके पर प्रदीप सिंह, रविंद्र सिंह, निर्मल सिंह, लखविंदर सिंह, हरदीप सिंह, बलकार सिंह, गुरजीत सिंह, परमजीत सिंह सहित गुरुद्वारा दशमेश प्रकाश के प्रधान एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे

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