आमोद कुमार


आमोद कुमार

बांदा। शहर की सड़कों पर खुले घूमते गोवंश अब पशुपालकों की जेब पर भारी पड़ेंगे। नगर पालिका परिषद ने निराश्रित और खुले में छोड़े जाने वाले पशुओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई का आदेश जारी किया है। अधिशासी अधिकारी श्रीचंद्र ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क पर छोड़े गए पशुओं के स्वामियों पर नियमानुसार 500 रुपये जुर्माना लगाया जाए। इसके अलावा पकड़े गए पशु की खुराक और देखरेख के लिए 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क भी वसूला जाएगा।ईओ ने निर्देश दिए हैं कि नगर पालिका की टीमें सड़कों, प्रमुख मार्गों, चौराहों और मोहल्लों में अभियान चलाकर खुले में घूम रहे पशुओं को पकड़ें और उन्हें गौशाला में संरक्षित कराएं। कार्रवाई का उद्देश्य सड़क पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।ईओ श्रीचंद्र ने स्पष्ट किया है कि पशुपालक अपने पशुओं को बाड़े अथवा निजी परिसर में सुरक्षित रखें। लापरवाही बरतकर पशुओं को सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ने वालों के खिलाफ निर्धारित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।लापरवाही पड़ी तो जेब भी कटेगी, कार्रवाई भी होगी नगर पालिका की सख्ती का सीधा संदेश है कि पशुपालन की जिम्मेदारी सड़क पर पशु छोड़कर खत्म नहीं होगी। यदि पशु पकड़ा गया तो जुर्माने के साथ उसकी खुराक और देखरेख का शुल्क भी पशु स्वामी से वसूला जाएगा।
नगर पालिका प्रशासन ने पशुपालकों से जनहित और पशुहित दोनों को ध्यान में रखते हुए पशुओं को खुले में न छोड़ने की अपील की है। अब देखना होगा कि आदेश कागजों तक सीमित रहता है या शहर की सड़कों पर इसका वास्तविक असर भी दिखाई देता है।

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