नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर


नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज के सम्मान के साथ वंदे मातरम, राष्ट्रगान और देश की विरासत के प्रति सम्मान का भाव हर भारतीय के मन में होना चाहिए।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा में हजारों की संख्या में युवा और नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा मार्ग राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। जगह-जगह लोगों ने यात्रा पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के अलग-अलग चरणों में राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप विकसित हुआ। 1905 के स्वदेशी आंदोलन से लेकर आजादी के संघर्ष तक ध्वज स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रहा और स्वतंत्र भारत ने धर्मचक्र युक्त तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश में पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी संस्थानों, उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों में तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने लोगों से तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर अभियान को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया।

रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू हुई तिरंगा यात्रा टाउनहॉल, गोलघर और यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुंची। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ तिरंगा यात्रा का समापन हुआ।

पूरे यात्रा मार्ग पर युवाओं, विभिन्न समुदायों के लोगों, व्यापारियों और नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम के उद्घोष किए।

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