आमोद कुमार



बांदा। बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव में बिना डिग्री और वैध लाइसेंस के क्लीनिक व मेडिकल स्टोर संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने दो कथित झोलाछाप चिकित्सकों पर ग्रामीणों का गलत इलाज करने तथा नशीली और डुप्लीकेट दवाएं बेचने का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता मो. हनीफ पुत्र अब्दुल हमीद, निवासी कोर्रही के अनुसार गांव में डॉ. मुबीन अहमद पुत्र सरबत खां और उसके भतीजे डॉ. एजाज पुत्र रईस खां द्वारा कथित रूप से कई स्थानों पर क्लीनिक तथा ‘कादरी मेडिकल स्टोर’ संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित लोगों के पास न तो चिकित्सा संबंधी वैध डिग्री है और न ही दवाओं की बिक्री का आवश्यक ड्रग लाइसेंस।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन स्थानों पर मरीजों को गलत उपचार देने के साथ कथित तौर पर डुप्लीकेट और नशीली दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य और विशेषकर युवाओं पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती है। हालांकि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।सवाल कार्रवाई का नहीं, निगरानी व्यवस्था का भी है गांवों में यदि बिना चिकित्सकीय योग्यता और वैध लाइसेंस के इलाज तथा दवाओं का कारोबार चल रहा है तो यह केवल नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि ग्रामीणों की जिंदगी से खिलवाड़ का गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे में शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन पर हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर मौके पर वास्तविक स्थिति की पड़ताल की जाती है या नहीं। यदि आरोपों में सच्चाई मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जरूरी होगी, ताकि इलाज के नाम पर चल रहे किसी भी कथित अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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