सावन में सखियों ने साझा कीं मायके की यादें, लोकगीतों और नृत्य से सजा ‘हमारा मायका’
अर्जुन रौतेला आगरा।
आमोद कुमार कमासिन/बांदा।
आमोद कुमार
कमासिन/बांदा।
टीकाकरण केवल एक टीका नहीं, बल्कि बचपन को गंभीर बीमारियों से बचाने की पहली सुरक्षा-दीवार है। इसी संदेश को गांव की चौपाल तक पहुंचाने के लिए सोमवार को विकासखंड कमासिन की ग्राम पंचायत बीरा में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
जीरो डोज गावी परियोजना के तहत यूनिसेफ एवं प्रयास कला संगम, लखनऊ के समन्वय से आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने मनोरंजक और प्रभावी प्रस्तुति के जरिए टीकाकरण को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों और गलत धारणाओं पर चोट की। नाटक के माध्यम से बच्चों के नियमित टीकाकरण, निर्धारित समय पर टीके लगवाने तथा टीकों से गंभीर बीमारियों से बचाव का संदेश दिया गया। प्रस्तुति ने ग्रामीणों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम के बाद लोगों में टीकाकरण को लेकर चर्चा भी हुई।कार्यक्रम में ग्रामीणों ने “5 साल में 7 बार टीकाकरण” अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। साथ ही परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोस के बच्चों को भी समय से टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करने की बात कही।
ब्लॉक कोऑर्डिनेटर राम सिंह जादौन ने कहा कि टीकाकरण को लेकर फैली अफवाहें और भ्रांतियां बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर बाधा बन सकती हैं। उन्होंने पांच वर्ष की आयु तक बच्चों को निर्धारित समय पर सभी जरूरी टीके लगवाने की अपील की। उन्होंने टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली गंभीर बीमारियों, बाल स्वास्थ्य, मृत्यु दर से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के साथ ही एचपीवी वैक्सीन के लाभों की भी जानकारी दी।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित टीकाकरण कार्यक्रम का पालन करें। क्योंकि समय पर लगा एक टीका बीमारी से लड़ने की ताकत देता है, जबकि लापरवाही कभी-कभी जिंदगी भर का दर्द दे सकती है।इस दौरान बीना देवी, सुनीता देवी, किरण देवी, पूजा देवी, जितेंद्र कुमार, रामगोपाल, पंचम सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।
अर्जुन रौतेला आगरा।
आमोद कुमार
Leave a Comment: