कर्मचारियों की सुरक्षा,


कर्मचारियों की सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वरुण बेवरेज प्लांट में बॉयलर विस्फोट एवं अग्निकांड पर आधारित मेजर इमरजेंसी मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का संचालन प्लांट की आंतरिक आपातकालीन टीमों एवं बाहरी फायर एजेंसी के समन्वय से किया गया।
इस अवसर पर यूनिट हेड योगेश सिंह के नेतृत्व में आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था का परीक्षण किया गया। वहीं एच.आर. हेड  हिमांशु ठाकुर द्वारा कर्मचारियों के समन्वय, संचार एवं निकासी प्रक्रिया की निगरानी की गई तथा सेफ्टी हेड अरुण पांडेय के निर्देशन में संपूर्ण मॉक ड्रिल का संचालन एवं सुरक्षा प्रक्रियाओं का मूल्यांकन किया गया।मॉक ड्रिल के दौरान बॉयलर विस्फोट एवं आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसके पश्चात इमरजेंसी सायरन सक्रिय किया गया तथा निर्धारित आपातकालीन प्रक्रिया के अनुसार संबंधित टीमों ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की।
अभ्यास के दौरान फायर फाइटिंग, रेस्क्यू ऑपरेशन, मेडिकल रिस्पॉन्स, निकासी, असेंबली प्वाइंट प्रबंधन एवं कर्मचारियों की हेड काउंट प्रक्रिया का सफल परीक्षण किया गया। बाहरी फायर एजेंसी की भागीदारी के माध्यम से संयुक्त आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं समन्वय क्षमता का भी आकलन किया गया।
ड्रिल के दौरान सुरक्षित निकासी, आपातकालीन संचार व्यवस्था तथा प्रतिक्रिया समय का परीक्षण किया गया। सभी कर्मचारियों की हेड काउंट सफलतापूर्वक पूर्ण की गई तथा घटना नियंत्रण प्रक्रिया का प्रभावी प्रदर्शन किया गया।
अवलोकन के दौरान कुछ सुधार क्षेत्रों की पहचान की गई, जिनमें निकासी प्रतिक्रिया समय में सुधार, कुछ क्षेत्रों में सायरन की श्रव्यता बढ़ाना, मेडिकल रिस्पॉन्स को और सशक्त बनाना तथा भविष्य में मॉक ड्रिल की आवृत्ति बढ़ाने की अनुशंसा शामिल रही।
इस अवसर पर प्रबंधन ने कहा कि ऐसे अभ्यास वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों के लिए संगठन की तैयारी को मजबूत करते हैं तथा प्लांट में सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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