शहीद किसानों की मनाई गई 30 वी पुण्यतिथि भाजपा सरकार के दमनकारी नीतियों का रिजल्ट था 10 सितम्बर 1992 की काली रात


शहीद किसानों की मनाई गई 30 वी पुण्यतिथि

भाजपा सरकार के दमनकारी नीतियों का रिजल्ट था 10 सितम्बर 1992 की काली रात


जनपद कुशीनगर के रामकोला त्रिवेणी चीनी मिल  प्रांगण में शहीद किसानों की हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 10 सितम्बर को 30 वी पूर्णतिथि मनाई गई जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि 10 सितम्बर 1992 की काली रात को भुलाया नहीं जा सकता किसान अपने बकाया गन्ना मूल्य  भुगतान के लिए शांति प्रिय तरीके से आंदोलन कर रहे थे जिस को दबाने के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार ने गोली चलवाई जिसमें दो किसान पड़ोही  दलित व जमादार मियां शहीद हो गए थे जिनके सहादत में हर वर्ष 10 सितंबर को किसान मेला के रूप में मनाया जाता है ऐसे ही  अगर कप्तानगंज चीनी मिल किसानों का बकाया भुगतान नहीं करता है तो घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन किया जाएगा जब जब भाजपा की सरकार बनी है तब तब किसानों का उत्पीड़न होता हैं


रिपोर्ट अबतक टीवी
रविन्द्र कुमार 
ब्यूरो चीफ कुशीनगर

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