मेरठ में सानिया हत्याकांड में खुलासा हो गया है। बेहरम वाजिद ने पेशेवर कातिल की तरह बाप ने बेटी का कत्ल किया। सारे सबूत मिटाए लेकिन पांच दिन चली तफ्तीश में परत-दर-परत खुल गई।
मेरठ में सिर कटी लाश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज पिता ने ही अपनी बेटी के टुकड़े कर दिए। कहते हैं, कातिल कितना ही शातिर क्यों न हो लेकिन वह कुछ न कुछ सुराग अवश्य छोड़ देता है। ऐसा ही हुआ। अपनी तरफ से पिता शाहिद ने बेटी का सिर धड़ से अलग किया। सारे सबूत मिटाए लेकिन पांच दिन चली तफ्तीश में परत-दर-परत खुलती चली गई। कोई बाप इतना बेरहम भी हो सकता है, किसने सोचा था।...सानिया हत्याकांड को अंजाम देने वाले कातिल बाप ने पूरी प्लानिंग के साथ वारदात की थी। कत्ल के लिए ऐसा दिन चुना, जब घर पर कोई नहीं था। दरअसल, सानिया की बड़ी बहन सना गर्भवती थी और तबीयत खराब होने के बाद उसे हापुड़ रोड के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने हालत गंभीर बताई, इसलिए परिवार के सभी सदस्य अस्पताल ही गए थे। घर पर सानिया और उसका पिता शाहिद थे। ऐसे में घर में कोई नहीं था और मौके का फायदा उठाकर शाहिद ने हैवान की तरह बेटी का कत्ल कर डाला। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने इस मामले में सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया को खुद कार्रवाई देखने के लिए कहा है। इसके बाद सीओ खुद इस मामले की केस डायरी लिख रहे हैं। पुलिस एक सप्ताह में ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करेगी। साथ ही तमाम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी लगाए जा रहे हैं। आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने बेटी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और इसके बाद गर्दन को काट दिया। लाश को बाथरूम के पास लाया और यहीं पर गर्दन को शरीर से काट डाला था। शरीर से पूरा खून निकल गया था और इसके बाद आरोपी ने बेटी की लाश को कैरट में डालकर ठिकाने लगाया। मेरठ। पुलिस अधिकारियों की मानें तो बेटी की हत्या करने के बाद शाहिद जमात में चला गया था। उसने अकेले ही घटना को अंजाम दिया और इसके बाद घर बंद कर चाबी पड़ोसी को दे दी। आरोपी पिछले चार दिन से जमात में ही था। अब जब रिश्तेदारों को सानिया की हत्या का अंदेशा हुआ तो उन्होंने फोन पर जानकारी की। इस दौरान सारा भेद खुल गया। इसके बाद तमाम बातों से पर्दा उठ गया और पुलिस ने आरोपी शाहिद को गिरफ्तार कर लिया। मेरठ। पुलिस अधिकारियों की मानें तो बेटी की हत्या करने के बाद शाहिद जमात में चला गया था। उसने अकेले ही घटना को अंजाम दिया और इसके बाद घर बंद कर चाबी पड़ोसी को दे दी। आरोपी पिछले चार दिन से जमात में ही था। अब जब रिश्तेदारों को सानिया की हत्या का अंदेशा हुआ तो उन्होंने फोन पर जानकारी की। इस दौरान सारा भेद खुल गया। इसके बाद तमाम बातों से पर्दा उठ गया और पुलिस ने आरोपी शाहिद को गिरफ्तार कर लिया। सानिया की बहन सना को ग्रीन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान परिजन वहीं पर थे। पुलिस इस बात की पुष्टि करने के लिए रात को ही अस्पताल पहुंची और वहां से सीसीटीवी कैमरों की तमाम फुटेज को कॉपी कर सुरक्षित करा लिया। आरोपी को पता था कि चेहरे से सानिया की पहचान हो जाएगा। इसलिए उसने सिर को काटकर अलग कर दिया था। डेड बॉडी को लक्खीपुरा में फेंका और सिर को थैले में बंद करके दूसरी दिशा में माधवपुरम नाले में फेंका। जिस हथियार से कत्ल किया गया, उसे भी छिपा दिया था। घर पर पेशेवर की तरह ही खून के निशान मिटाए और पूरी कहानी तैयार कर ली। सानिया की हत्या करने के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाए थे। इसके बाद परिवार के लोगों ने जब सानिया के बारे में पूछा तो बताया कि उसे उलधन में फूफी के यहां छोड़ दिया है। पुलिस को हालांकि ये कहानी हजम नहीं हो रही थी। पुलिस मानकर चल रही है कि सानिया की हत्या की जानकारी परिवार को थी। .
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