आश्वासन


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राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के 7 जुलाई के आदेश के अनुपालन की मांग, 27 हजार रिक्त पदों में करीब 10 हजार ओबीसी सीटें खाली होने का दावा

रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय

लखनऊ। 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण और पांच प्रतिशत उत्तीर्णांक छूट के मुद्दे को लेकर ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से शासन स्तर पर पैरवी लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार को 68500 शिक्षक भर्ती के ओबीसी अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आग्रह किया, ताकि अभ्यर्थी भर्ती से जुड़े अपने पक्ष और समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकें। प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन मिलने की बात कही गई है।

अभ्यर्थियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, लखनऊ ने 7 जुलाई 2026 को 68500 शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले में आदेश पारित किया था। आयोग के आदेश के अनुसार ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षित वर्ग के अंतर्गत मानते हुए भर्ती परीक्षा के उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत की छूट दिए जाने की बात कही गई है। अभ्यर्थियों का दावा है कि इसके तहत पूर्णांक 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले पात्र ओबीसी अभ्यर्थियों के परिणाम को संशोधित करने तथा सफल अभ्यर्थियों को भर्ती में रिक्त बची सीटों पर नियुक्ति प्रदान करने का आदेश दिया गया है।

अभ्यर्थियों ने बताया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उक्त आदेश की प्रति 9 जुलाई 2026 को अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग को भी भेजी गई थी। इसके बाद से अभ्यर्थी शासन एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामले के शीघ्र निस्तारण और आयोग के आदेश के अनुपालन की मांग कर रहे हैं।

27 हजार पद रिक्त होने का दावा
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि 68500 शिक्षक भर्ती में अभी भी लगभग 27 हजार पद रिक्त हैं। इनमें करीब 10 हजार पद ओबीसी वर्ग के होने का दावा अभ्यर्थियों की ओर से किया गया है। उनका कहना है कि यदि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन किया जाता है तो रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता है।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती से संबंधित यह मामला पिछले करीब आठ वर्षों से लंबित है और विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद इसका अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि वह सरकार और शासन स्तर पर लगातार अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति मुख्यमंत्री तक पहुंच सके और इसका सकारात्मक समाधान निकाला जा सके।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई की उम्मीद
अभ्यर्थियों के मुताबिक, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से यह कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री की ओर से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी को देखते हुए अभ्यर्थी मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात कर अपनी समस्या और मांगों को उनके समक्ष रखने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि यदि पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाता है और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश सहित भर्ती में उपलब्ध रिक्त पदों की स्थिति पर विचार किया जाता है तो मामले का सकारात्मक एवं न्यायसंगत समाधान निकल सकता है।

प्रतिनिधिमंडल में ये अभ्यर्थी रहे शामिल
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से आशुतोष वर्मा, अखिल कुमार, नवीन चौधरी और तूफान सिंह सहित ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने तथा 68500 शिक्षक भर्ती के मामले में उचित स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।

अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित मामले का नियमानुसार समाधान और पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना है। उन्होंने सरकार से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश पर गंभीरता से विचार करते हुए रिक्त पदों के संदर्भ में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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