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शैक्षिक पुनर्वासन को बढ़ावा देने की पहल; अधिकतम ₹65,000 तक की मिलेगी सहायता।
संजय कुशवाहा
संजय कुशवाहा
(आगरा) एत्मादपुर तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बारिश के मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। इस गंभीर समस्या के खिलाफ आम जनता की आवाज बनते हुए जाने-माने किसान नेता एव समाजसेवी विश्वकान्त मिश्रा ने बुधवार को मोर्चा संभाला। उन्होंने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) एत्मादपुर/खंदौली श्री विजय अग्रवाल को एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर क्षेत्रों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की पुरजोर मांग की है।ज्ञापन के माध्यम से बीडीओ का ध्यान आकर्षित कराते हुए विश्वकान्त मिश्रा ने बताया कि मूसलाधार और लगातार हो रही बारिश के कारण निम्नलिखित ग्राम पंचायतों और बस्तियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है:सरोवर कुंज (बरहन) गढ़ी फौजी (आंवलखेड़ा) झंडा बाग (आंवलखेड़ा) सेमरा (खंदौली)इन सभी इलाकों की गलियों और मुख्य रास्तों पर घुटनों तक गंदा पानी भर गया है, जिससे लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना तक दूभर हो गया है।विश्वकान्त मिश्रा ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि इस जलभराव का सबसे भारी और बुरा असर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों पर पड़ रहा है।छोटे-छोटे मासूम बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, या पानी भरने के कारण विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं।ग्रामीण अपने रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए भी भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।लंबे समय तक पानी जमा रहने से अब क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप और संक्रामक बीमारियों (डेंगु, मलेरिया, डायरिया आदि) के फैलने का गंभीर खतरा भी पैदा हो गया है।समाजसेवी विश्वकान्त मिश्रा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं का समय रहते समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायत विभाग से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से पंप (पंपिंग सेट) एवं अन्य आवश्यक संसाधनों को लगाकर जलभराव वाले स्थानों से पानी निकलवाया जाए और रास्तों को चलने योग्य बनाया जाए।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी श्री विजय अग्रवाल ने ज्ञापन को स्वीकार किया और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शीघ्र अतिशीघ्र जल निकासी का ठोस समाधान करने का आश्वासन दिया है।
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राकेश त्रिपाठी/ अब तक न्याय
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