नेपाल में लगभग 400 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इन शवों को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अस्पतालों में शव रखने की क्षमता बेहद कम है, लेकिन बड़े पैमाने पर शव मिलने से उन्हें सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है।


काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ और मलबे के सैलाब से कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री भेजी है। भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए पहले चरण में करीब 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाइयां भेजी गईं। इसके बाद दूसरे चरण में 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट नेपाल पहुंचाए गए।

भारत की ओर से नेपाल के साथ राहत और बचाव कार्यों में लगातार समन्वय किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर इस मुश्किल घड़ी में हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा भी जताया है।

वहीं, नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारत के विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। अब तक कई भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि कुछ लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है और उनकी तलाश जारी है।

उधर, भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार में संभावित जलस्तर बढ़ने के खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है।

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नेपाल में कुदरत का कहर, कई इलाकों में तबाही...
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान जारी।

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