धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए एक बड़े झटके की तरह देखा जा रहा है, क्योंकि यह पहला मौक़ा है जब किसी आंदोलन की वजह से उनके किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है.


शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उनके ख़िलाफ़ एक महीने के ज़्यादा समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था. साथ ही देशभर में युवाओं का आंदोलन शुरू हो गया था.

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मोदी सरकार के लिए एक बड़े झटके की तरह देखा जा रहा है, क्योंकि यह पहला मौक़ा है जब किसी आंदोलन की वजह से उनके किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है.

इससे पहले भी कई मौक़े आए जब विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और इसके मंत्रियों को लेकर अलग-अलग मामलों में दबाव बनाया है, लेकिन उसका ज़्यादा असर देखने को नहीं मिला.

इस मामले में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान की अक्सर चर्चा होती है कि मोदी सरकार में इस्तीफ़े नहीं होते.

दूसरी ओर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक्स पर पोस्ट कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ़ की.

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।