अवैध शराब बिक्री एवं परिवहन करने वालो पर लगातार की जा रही ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुये अवैध शराब परिवहन करने वाले 02 आरोपियों को थाना डभरा पुलिस ने गिरफ्तार कर न
जिसमें आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 283 /2022 धारा 34 (2) 59 (ए) पंजीबध्द किया गया
पता चला है कई अस्पताल माफिया चला रहे हैं।
माफिया-गुंडों द्वारा संचालित कुछ हास्पिटलों में मरीज का इलाज से पहले ही सौदा हो जाता है। अस्पताल संचालक मरीज ले आने वाले बिचौलियों और एंबुलेंस चालकों को मोटा कमीशन देते हैं। मरीज की जैसी हालत कमीशन का रेट भी उसी हिसाब से बढ़ता घटता है। एक गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाने को एंबुलेंस चालक को 45-50 हजार रुपये तक मोटा कमीशन मिल जाता है। सामान्य मरीजों को भर्ती कराने पर 25-30 हजार रुपये तक मिल जाते हैं।
निजी अस्पतालों व दलालों का नेटवर्क सबसे ज्यादा जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आसपास फैला है। जैसे ही मरीज गेट पर पहुंचता है, वैसे ही निजी एंबुलेंस चालक सक्रिय हो जाते हैं और मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के प्रयास में जुट जाते हैं। परेशान मरीज या परिजनों को बरगला कर निजी अस्पताल ले जाते हैं, फिर शुरू होता है वसूली का सिलसिला। इस नेटवर्क के बिचौलिए देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बिहार, बस्ती, सिद्धार्थनगर और नेपाल से आने वाले मरीजों को निशाना बनाते हैं। कुशीनगर और बिहार की तरफ से आने वाले मरीजों को जगदीशपुर रोड, महराजगंज की तरफ से आने वाले मरीजों को भटहट व कैंपियरगंज के पास हाईजैक किया जाता है। सिद्धार्थनगर, नेपाल या सोनोली की तरफ से आने वालों को गोरखनाथ इलाके में सेट किया जाता है। एम्बुलेंस के नंबर के आधार पर कुछ ही देर में मरीज व ड्राइवर का डिटेल ले लेते हैं।
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