तु श्रद्धा के साथ मेरी शरण में आ कर तो देख, तेरी मुरादें‌ पुरी‌ न कर दूं‌ तो कहना।


तु श्रद्धा के साथ मेरी शरण में आ कर तो देख, तेरी मुरादें‌ पुरी‌ न कर दूं‌ तो कहना।                         जय बाबा गुरू गौरखनाथ,।                                                                       बिजनौर से एडवोकेट अशोक कुमार के साथ मुनीश उपाध्याय की रिपोर्ट।                                             बिजनौर :- कहा जाता है कि यदि मानव के मन में परमपिता परमेश्वर के प्रति श्रद्धा और विश्वास जाग्रत हो जाते हैं तो वह तो वह सभी कष्टों से मुक्त हो जाता है। इसका जीता जागता उदाहरण है। जनपद बिजनौर में बिजनौर से लगभग 15 किमी दूर स्थित गांव रतनपुर में गुरू गौर  नाथ महाराज का लगने वाला विशाल दरबार। आपको बता दें कि बिजनौर मुख्यालय से 15 किमी दुर हरिद्वार रोड़ पर स्थित गांव रतनपुर में प्रत्येक रविवार को नाथ पंथ के बाबा गुरू गौरखनाथ महाराज का  दरबार लगाया जाता है। दरबार में बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण आ कर बाबा गुरू गौरखनाथ जी का आशिर्वाद प्राप्त करते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि जो कोई भी श्रद्धा भाव लेकर दरबार में आता है बाबा जी उसके मन की मुराद‌ अवश्य ही पुरी होती है।‌दरबार के महंत जितेन्द्र जी द्वारा लगभग  10  वर्षों से‌ बाबा गुरू गौरखनाथ की कृपा से निस्वार्थ भाव से मानव सेवा करते चले आ रहे हैं। आज गुरू पुर्णीमा के अवसर पर भण्डारें का आयोजन किया गया जिसमें सैंकड़ों की संख्या में भण्डारें के प्रसाद के साथ‌ आर्शिवाद गृहण किया गया।        बाइट :- महंत जितेन्द्र वह श्रद्धालुगण।

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