गरीब और मजदूर लोगों की बात करे तो वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर है।


राष्ट्रीय स्वराज पैंथर के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ना लाल दिनकर एवं अन्य पदाधिकारियों ने मिलकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा जिसमें उनके द्वारा मांग की गई कि उत्तर प्रदेश में जिस तरह से शिक्षा और चिकित्सा का स्तर विगत कुछ वर्षों से प्रदेश गिरता हुआ नजर आ रहा है। सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्थिति दयनीय बनी हुई है केवल कागजों पर खानापूर्ति की जाती है राष्ट्रीय स्वराज पैंथर के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्नालाल दिनकर के द्वारा बताया गया कि सरकारी विद्यालयों के अध्यापक ही अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाना चाहते हैं।इसका मतलब है की उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थित ठीक नहीं है। गरीब और मजदूर लोगों की बात करे तो वह अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर है। क्योंकि प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस के कारण अपने बच्चों को नहीं पढ़ा सकते हैं। मुन्नालाल दिनकर के द्वारा बताया गया जो सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर अपने प्राइवेट क्लीनिक खोलकर जनता से मनमानी पैसा वसूलते हैं। जिस पर तुरंत रोक लगाई जाए। अगर सरकारी डॉक्टर अपनी सेवा पूरी ईमानदारी से सरकारी हॉस्पिटलों में देंगे तो स्वास्थ्य सुविधाएं अच्छी हो जाएगी। अपना खुद का क्लीनिक होने की वजह से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को समय न दे पाने के कारण जनता दर-दर भटकती रहती है, और प्राइवेट क्लीनिको में जनता का शोषण किया जा रहा है जिसमें तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।

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