Maharashtra Crisis: क्या वडोदरा में हुई फडणवीस-शिंदे की मुलाकात? बीती रात दोनों नेताओं के गुजरात पहुंचने की खबर
महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 24 जून की रात को अचानक इंदौर पहुंचे। उनकी इंदौर यात्रा पूरी तरह गोपनीय रही और गुपचुप तरीके से वे विशेष विमान से मुंबई से इंदौर आए थे।

महाराष्ट्र संकट को लेकर लगातार नई-नई खबरें छनकर सामने आ रही हैं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस कल रात इंदौर होकर वडोदरा गए थे। बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे भी गुवाहाटी से निकलकर वडोदरा पहुंचे थे। लोकेशन के बारे में किसी को पता नहीं चले, इसलिए फडणवीस ने इंदौर का रास्ता चुना। उनकी इस यात्रा से सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि भाजपा महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दावा भी पेश कर सकती है।
24 जून की रात अचानक पहुंचे इंदौर
महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 24 जून की रात को अचानक इंदौर पहुंचे। उनकी इंदौर यात्रा पूरी तरह गोपनीय रही और गुपचुप तरीके से वे विशेष विमान से मुंबई से इंदौर आए थे। यहां से नलखेड़ा पहुंचे और मां बगलामुखी की पूजा-अर्चना की। इसी बीच खबर आई कि वे इंदौर से वडोदरा गए। दरअसल. महाराष्ट्र में सियासी उठापटक चल रही है। इसी बीच गोपनीय तरीके से पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस इंदौर आए और यहां से रात को ही नलखेड़ा पहुंच गए। फडणवीस का कार्यक्रम इतना गुप्त था कि किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी। नलखेड़ा में मां बगलामुखी के दर्शन किए। मध्य प्रदेश के नलखेड़ा में स्थित बगलामुखी मंदिर तंत्र साधना के लिए विश्व विख्यात है। मां बगलामुखी को राजसत्ता की देवी माना जाता है। चूंकि महाराष्ट्र में एक बार फिर भाजपा सरकार बनने के समीकरण दिखाई देने लगे हैं।
देर रात को पहुंचे नलखेड़ा
बताया जा रहा है कि भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस देर रात नलखेड़ा पहुंचे और 25 जून को सुबह करीब 5 बजे वापस चले गए। सूत्रों की मानें तो बगलामुखी मंदिर के पंडितों ने देवेंद्र फडणवीस के लिए विशेष पूजा की। इससे पहले जब महाराष्ट्र में चुनाव के बाद सरकार बनी थी तब भी नलखेड़ा के पंडितों ने मुंबई जाकर अनुष्ठान किया था। जब वे पहली बार सीएम बने थे तब भी वह शपथ से पहले वो नलखेड़ा में माता के दर्शन करने आए थे। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नलखेड़ा बगुलामुखी मंदिर अक्सर आते रहते हैं।
बेहद गोपनीय रही यात्रा
फडणवीस की यात्रा इतनी गोपनीय थी कि उनकी यात्रा के दौरान दोनों ही बार इंदौर में विमान से न कोई उतरा न कोई सवार हुआ। विमान में सिर्फ ईंधन भरा गया। एक बात यह सामने आई कि इंदौर आकर फडणवीस वडोदरा गए हैं, लेकिन चर्चा हुई कि मुंबई से वडोदरा की दूरी करीब 400 किलोमीटर है और मुंबई से इंदौर 600 किलोमीटर दूर है। ऐसे में मुंबई से 400 किलोमीटर दूर वडोदरा जाने के लिए फडणवीस ने इंदौर का रास्ता क्यों लिया। बात यह भी सामने आई कि मुंबई से अपनी गुजरात यात्रा को छिपाने के लिए वे इंदौर आए और फिर वडोदरा गए। फडणवीस की इस यात्रा की जानकारी एयरपोर्ट पर कल शाम को ही मिली थी। तब अधिकारियों को लगा कि फडणवीस के साथ इंदौर से कोई जाएगा या वापस आएगा या इंदौर में कोई उनसे मिलने पहुंचेगा, लेकिन जब दोनों ही बार न तो विमान में कोई सवार हुआ न उतरा और न ही कोई मिलने पहुंचा तो सभी हैरान थे।
अधिकारियों को भी यह समझ में नहीं आया कि अगर उन्हें वडोदरा जाना-आना था तो इंदौर के रास्ते क्यों गए-आए। इधर इंदौर विमानतल रनवे की चौड़ाई बढ़ाने के लिए चल रहे काम के चलते फिलहाल रात को बंद रहता है, लेकिन फडणवीस के इंदौर आने और जाने के चलते कल इंदौर एयरपोर्ट रातभर खुला रहा। अपुष्ट जानकारी के मुताबिक फडणवीस विशेष विमान से कल रात 10.45 बजे मुंबई से इंदौर पहुंचे थे। यहां विमान में ईंधन भरवाया गया। इसके बाद 11 बजे विमान इंदौर से वडोदरा के लिए रवाना हो गया। वहीं शनिवार सुबह 4.40 बजे वे इसी विशेष विमान से वडोदरा से इंदौर पहुंचे और विमान में ईंधन भरवाने के बाद 4.55 बजे वापस मुंबई के लिए रवाना हो गए। उनके आवागमन को देखते हुए रातभर एयरपोर्ट खुला रहा, जबकि रनवे पर चल रहे काम के कारण रोज एयरपोर्ट रात 11 से सुबह 6 बजे के बीच बंद रहता है। इसके कारण कल रात एयरपोर्ट पर रनवे का काम भी बंद ही रहा। फडणवीस की यात्रा को देखते हुए इंदौर एयरपोर्ट के अधिकारियों ने भी काफी सतर्कता रखी और गोपनीयता बरतते हुए किसी को इस बात की खबर नहीं लगने दी।
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