भोपाल में वरिष्ठ लेखिका डॉ. सबीहा रहमानी सम्मानित, उर्दू अनुवादित पुस्तक ‘आसमानी आँखों का मौसम’ का हुआ विमोचन
आमोद कुमार
आमोद कुमार
आमोद कुमार
बांदा। पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों का भरोसा बनना भी है। इसका उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब परिजनों से बिछड़े पांच वर्षीय मासूम को सिविल लाइन चौकी पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचा दिया।
जानकारी के अनुसार आश्रय काशीराम कॉलोनी निवासी दीपक (5) किसी कारणवश अपने माता-पिता से बिछड़ गया था। सूचना मिलते ही सिविल लाइन चौकी प्रभारी आशुतोष त्रिपाठी ने बच्चे को चौकी लाकर सुरक्षित संरक्षण में रखा और पुलिस टीम को तत्काल उसके परिजनों की तलाश में लगाया।पुलिस की सक्रियता रंग लाई और कुछ ही समय में बच्चे के माता-पिता केशव और माया का पता लगा लिया गया। आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मासूम दीपक को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
अपने बेटे को सकुशल वापस पाकर परिजनों की आंखों में खुशी और राहत साफ दिखाई दी। उन्होंने सिविल लाइन पुलिस और चौकी प्रभारी आशुतोष त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उनकी बड़ी चिंता कुछ ही देर में समाप्त कर दी।स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी संवेदनशील कार्यशैली से पुलिस और आमजन के बीच विश्वास और मजबूत होता है। यह घटना बताती है कि सतर्कता, संवेदनशीलता और समय पर की गई कार्रवाई किसी परिवार की सबसे बड़ी खुशी लौटाने का माध्यम बन सकती है।
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आमोद कुमार
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