पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन अब खत्म हो चुका है. हालांकि 20 जुलाई को उनके ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ उनकी हिंसक झड़प हो गई. झड़प में दोनों ओर से बड़ी संख्या में लोग घायल हुए. अब दिल्ली पुलिस इस झड़प में शामिल लोगों की पहचान करने में लगी है. खासकर उन लोगों की पहचान की जा रही है जो चेहरा ढके हुए थे और पुलिस पर हमला कर रहे थे.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस FRS (Facial Recognition System) से 2,873 बदमाशों की पहचान करने के बाद अब मास्क पहनकर उपद्रव करने वालों को तलाशने में जुटी है. दिल्ली पुलिस की टीम उन सब वीडियो की जांच कर रही है जिसमें चेहरे पर मास्क पहने लोग उपद्रव करते नजर आ रहे हैं.चेहरा ढके लोगों ने किया पुलिस पर हमला
सोशल मीडिया में वायरल कई वीडियोज में साफ दिख रहा है चेहरा ढके कई लोग पुलिस पर लाठी डंडों से हमला कर रहे हैं. इन लोगों तक पहुंच के लिए तकरीबन 400 CCTV कैमरों की मदद से दिल्ली पुलिस मास्क पहने उपद्रवियों का सीक्वेंस तैयार कर रही है.
साथ ही पुलिस जांच में ये बात भी सामने आई है कि जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन में शामिल होने से पहले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने आंसू गैस के असर को कम करने के तरीके को लेकर AI प्लेटफॉर्म पर जमकर खोजबीन की थी. यही नहीं प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग हाईटेक फेस मास्क और सेफ्टी गॉगल्स तक पहनकर पहुंचे थे. इसके अलावा पुलिस गीले जूट के बैग के इस्तेमाल की भी जांच कर रही है.
सबूत जुटाने में जुटी दिल्ली पुलिस की टीम
प्रदर्शन खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस अब प्रदर्शन के नाम पर उपद्रव करने और पुलिसकर्मियों पर हमले को लेकर डिजिटल तौर पर सबूत जुटा रही है. हालांकि पुलिस की ओर से किसी भी AI प्लेटफॉर्म का नाम सार्वजनिक नहीं किया है.
20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में कई अफसरों समेत 130 पुलिसकर्मी (पुलिस और आरएएफ के जवान) घायल हो गए थे. जबकि करीब 65 छात्र भी घायल हुए थे. कहा जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने हिंसा फैलाने के मामले में 15 एफआईआर दर्ज की.
989 प्रदर्शनकारियों का आपराधिक इतिहास
दूसरी ओर, सूत्रों के हवाले से कहा गया कि पुलिस ने CCTV फुटेज के जरिए 2,873 प्रदर्शनकारियों में से 989 लोगों का आपराधिक इतिहास का पता लगाया है. इन प्रदर्शनकारियों पर हत्या, डकैती, लूट, यौन उत्पीड़न, अपहरण और अन्य कई तरह से अपराधों के आरोप लगे हैं.
इन पहचाने गए लोगों में से 101 के खिलाफ मर्डर, 284 पर डकैती और लूट के मामले, जबकि 92 पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न जैसे कई अन्य अपराधों के मामले चल रहे हैं.
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