रोज तड़के 4 बजे खपरा वन चौकी के जंगली ट्रैक पर दौड़, डालियों को बनाया बीम


रोज तड़के 4 बजे खपरा वन चौकी के जंगली ट्रैक पर दौड़, डालियों को बनाया बीम

 

मिहींपुरवा के तीन लाल पहले प्रयास में बने अग्निवीर, अमन-रोशन उड़ीसा, अमित भोपाल रवाना

व्यूरो रिपोर्ट क्रांति मिश्र /अब तक न्याय बहराइच

मिहींपुरवा (बहराइच): भारत-नेपाल सीमा से सटे मिहींपुरवा तहसील के तीन बेटों ने वह कर दिखाया जो बड़े शहरों की महंगी कोचिंग भी गारंटी नहीं दे पातीं । खड़िया नैनीहा के अमन कुमार, राजापुर कतर्निया के रोशन गिरि और पेटरहा के अमित कुमार चौहान ने पहले ही प्रयास में अग्निवीर बनकर साबित कर दिया कि "हौसला हो तो कच्चे रास्ते भी कैंट का ट्रैक बन जाते हैं"।

एक सपना, एक दौड़, एक मंजिल- 
 
अमन पुत्र राम जी मदेशिया और अमित पुत्र उमेश कुमार चौहान ने हाईस्कूल अनीता मौर्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैनीहा और इंटरमीडिएट सर्वोदय इंटर कॉलेज मिहींपुरवा से पढ़ा। रोशन पुत्र रमेश गिरि ने इंटर तक की पढ़ाई अनीता देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैनीहा से की । स्कूल की बेंच से शुरू हुई दोस्ती फौज की वर्दी के सपने तक साथ चली । लेकिन सीमावर्ती इलाके में न स्टेडियम था, न कोच । तब कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग की मोतीपुर रेंज स्थित खपरा बन चौकी के जंगली-कच्चे ट्रैक को ही इन्होंने अपना ‘ग्राउंड’ बना लिया ।

तड़के 4 बजे शुरू होती थी ‘अग्निपरीक्षा’-

अमन बताते हैं, “अंधेरा रहते ही घर से निकलते। खपरा बन के पथरीले रास्तों पर 5 किलोमीटर दौड़, फिर साल-शीशम की डालियों को बीम बनाकर पुल-अप। खेत की मेड़ पर पुश-अप और बोरियों में बालू भरकर वेट ट्रेनिंग” । रोशन याद करते हैं, “बारिश में रास्ते दलदल बन जाते । पैर धंसते, घुटने छिलते, पर कदम नहीं रुके ।
लिखित परीक्षा से लेकर फिजिकल तक, तीनों ने पहले ही झटके में बाजी मार ली। अमन और रोशन उड़ीसा जबकि अमित भोपाल ट्रेनिंग सेंटर के लिए चुने गए हैं।

समाजसेवीयो ने अंग वस्त्र, भारत माता का चित्र भेट कर दिया आशीर्वाद-

रवाना होने से पहले खड़िया गांव में युवा समाजसेवी रंजीत सिंह शाक्य के आवास पर सम्मान समारोह हुआ । वरिष्ठ समाजसेवी सोमवर्धन पाण्डेय व सीमा जागरण मंच के प्रांत सह प्रचार प्रमुख योगेन्द्र मौर्य उर्फ पिन्टू मौर्य ने अंग वस्त्र पहनाकर व भारत माता का चित्र देकर तीनों को सम्मानित किया ।  जिला युवा प्रमुख राहुल पोरवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र मद्धेशिया, राजकुमार सिंह, सुनील मौर्या, कृष्णा बजरंगी ने माल्यार्पण कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की । पूर्व प्रधान उमेश चौहान, रमेश गिरि, अज्जु वर्मा, पंकज मौर्या, अशोक मौर्य समेत ग्रामीणों ने खुशी खुशी आगे के सफर के लिए विदा किया । उक्त कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ समाज सेवी सोमवर्धन पाण्डेय ने कहा कि “अग्निवीर योजना ने गांव के युवाओं के सपनों को पंख दिए हैं। ये तीनों युवा अब हजारों युवाओं का रास्ता रोशन करेंगे"। योगेन्द्र मौर्य ने कहा, “खपरा वन चौकी के जंगली ट्रैक का हर पेड़ पौधा इन बच्चों के हौसले का गवाह है। जब सीमावर्ती गांव का बेटा वर्दी पहनता है तो सरहद खुद-ब-खुद महफूज हो जाती है"। शुक्रवार को जब तीनों युवा ट्रेनिंग के लिए रवाना हुए तो गांव की पगडंडी ‘भारत माता की जय’ से गूंज उठीं । आंखों में नमी और सीने में गर्व लिए परिजनों ने तिलक कर बेटों को सरहद की हिफाजत के लिए विदा किया ।

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