Gaurav Siddharth


आओ देश को आज़ाद कराओ

आओ देश को आज़ाद कराओ,
सत्ता की जकड़ी बेड़ियाँ तोड़ जाओ।

अंधभक्ति और अज्ञानता का,
आँखों पर पड़ा पर्दा हटाओ,
जन-जन तक सच्चाई पहुँचाकर,
देश की वास्तविक हालत बताओ।

कैसे सपनों को लूटा गया,
कैसे जनता को बाँटा गया,
धर्म और जाति के नारों में,
हर इंसान को उलझाया गया।

हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर,
नफ़रत का बीज बोया गया,
भाईचारे की इस धरती को,
साज़िशों से खोखला किया गया।

देश नहीं संभाल पाए जो,
वो भविष्य क्या सँवारेंगे,
पेड़ों की छाँव छीनकर हमसे,
कैसे जीवन निखारेंगे?

लालच देकर वोट लिया,
वादों का महल सजाया था,
अब उनसे प्रश्न करो जाकर,
देश के लिए क्या कराया था?

जो कुछ बचा है, उसे बचा लो,
अब और समय गंवाना नहीं,
जागो, उठो और आगे बढ़ो,
अब यूँ ही सोते जाना नहीं।

भगत सिंह की ज्वाला बनो,
चन्द्रशेखर का साहस लाओ,
अन्याय के हर अंधकार में,
देश की मजबूत ढाल बन जाओ।

संविधान का मान बढ़ाओ,
लोकतंत्र की शान बचाओ,
मिलकर एक नया भारत गढ़ो,
आओ देश को आज़ाद कराओ।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।