कुमार सिद्धार्थ


निकलेगी विशाल पदयात्रा, अन्याय और भेदभाव के खिलाफ बुलंद होगी आवाज
सिधौली (सीतापुर)। डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने बहुजन समाज, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर, नौजवान, व्यापारी तथा आम नागरिकों से आगामी 30 जून 2026 को आयोजित होने वाली विशाल पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान की रक्षा के लिए अब समाज को एकजुट होकर लोकतांत्रिक संघर्ष करना होगा।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी भी प्रकार के भेदभाव, अन्याय और मनुवादी सोच से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और संविधान की मूल भावना पर लगातार आघात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के महापुरुषों, विशेषकर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा तथागत गौतम बुद्ध के विचारों और उनके योगदान को उचित सम्मान देने के बजाय कई स्थानों पर उपेक्षित किया जा रहा है।
उन्होंने बहुजन समाज से कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछते हुए कहा कि क्या बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमाएं स्थापित करना कोई अपराध है? क्या संविधान चर्चा, बुद्ध कथा, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम तथा बहुजन महापुरुषों के संघर्षों और जीवन परिचय को सुनना और सुनाना कानूनन अपराध है? क्या शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और बराबरी का अधिकार मांगना गलत है? क्या भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र में अपराध माना जाना चाहिए?
उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा नौकरी की मांग करता है, पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाता है या सरकारी व्यवस्थाओं में सुधार की बात करता है तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों बेरोजगार युवाओं का भविष्य लगातार संकट में है और प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली अनियमितताओं ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बहुजन समाज के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना, उन्हें संविधान, सामाजिक न्याय और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह हथियार है जिसके माध्यम से समाज अपने अधिकारों को प्राप्त कर सकता है और सम्मानजनक जीवन जी सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच लगातार कठिन होती जा रही है।
उन्होंने अंधभक्ति की राजनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि समाज को यह विचार करना चाहिए कि क्या बाबा साहेब आंबेडकर और तथागत गौतम बुद्ध के सम्मान में प्रतिमा स्थापना और स्मारकों का निर्माण रोकना उचित है? क्या शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय शराब के ठेकों की संख्या बढ़ाना समाज के हित में है? क्या बार-बार पेपर लीक होना और युवाओं को रोजगार से वंचित रखना न्यायसंगत है? क्या अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है?
उन्होंने कहा कि जब कोई समाज शिक्षा से दूर होता है तो उसका आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास भी बाधित हो जाता है। इसलिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान के मुद्दों को लेकर व्यापक जनजागरण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को अपने महापुरुषों के विचारों को घर-घर पहुंचाने और संविधान की रक्षा के लिए संगठित होना होगा।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को केवल उसकी जाति, सामाजिक स्थिति या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर न्याय से वंचित किया जाता है तो यह संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने निष्पक्ष प्रशासन और कानून के समान अनुपालन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब सभी नागरिकों को समान अवसर और समान न्याय प्राप्त हो।
उन्होंने बताया कि 30 जून 2026 को डॉ. आंबेडकर पार्क बहादुरपुर, सिधौली से एक विशाल पदयात्रा प्रारंभ होगी, जो विभिन्न मांगों और जनसरोकारों को लेकर मुख्यमंत्री आवास लखनऊ की ओर प्रस्थान करेगी। इस पदयात्रा का उद्देश्य संविधान, सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जनमत तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि अन्याय, भेदभाव, शोषण और असमानता के खिलाफ है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों से अपील की कि वे इस पदयात्रा में भाग लेकर सामाजिक परिवर्तन के अभियान को मजबूत करें।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिए हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि उन अधिकारों की रक्षा की जाए और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के महापुरुषों ने अपने संघर्षों के माध्यम से जो रास्ता दिखाया है, उसी मार्ग पर चलकर सामाजिक समरसता, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि 30 जून की यह पदयात्रा सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में डॉ. आंबेडकर पार्क बहादुरपुर, सिधौली पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की और कहा कि यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए है।
— राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ
प्रदेश उपाध्यक्ष, किसान कांग्रेस
152 विधानसभा सिधौली, जनपद सीतापुर

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