क्या है आस्था?
क्या है आस्था?
महिषासुर का मूर्ति ना बनाएं , आदिवासी क्षेत्रों में दुर्गा पूजा, रावण ,कुंभकरण ,मेघनाथ दहन पूर्णतः बंद किया जाए,
आज रावण कुंभकरण मेघनाथ दहन एवं असुर महाराजा महिषासुर का प्रतिमा दुर्गा के साथ प्रतिमा ना लगाने के संबंध में आज जिला सूरजपुर में कलेक्टर माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार और महामहिम राज्यपाल महोदय छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन सौंपा गया राकेश सांडिल प्रदेश अध्यक्ष शंभू शक्ती सेना,
दिर्घेश प्रताप श्याम, इनाम सिंह मरावी, विजय टेकाम, भजन मरकाम ,प्रवीण सिंह कोर्राम, सतेन्द्र आयाम ,
मोहर लाल टेकाम, देव साय उईके बैगा मूलनिवासी अधिकार गण सदस्य, कोर्राम, युवा प्रभाग सर्व आदिवासी समाज सुरजपुरगोंडवाना साम्राज्य के गोंड महाराजा रावेन(रावण) एवं महाबली राजा महिषासुर हमारे पूर्वज हैं, हम आदिवासी मूलनिवासी समुदाय प्राचीन काल से ही अपना आराध्य मानकर पेन शक्ति के रूप में अनेकों क्षेत्र-बैतुल, मध्यप्रदेश, मध्य भारत, नागपुर, आंध्रप्रदेश, बिसरख, अमरावती जोधपुर, दक्षिण भारत, कर्नाटक के जिला मंडिया, बैजनाथ, उज्जैन, मंदसौर एवं छत्तीसगढ़ के चैतुरगढ़ जैसे अनेकों आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र व राज्यों में रावेन (रावण) सेवा गोंगो (पूजा) किया जाता है, साथ ही पूजा ही नहीं बल्कि हर शुभ कार्य के शुप्रारंभ में रावेन (रावण) का प्रतिमा समक्ष रखा जाता है तथा हम प्रकृति रक्षक गोंडवाना सम्राज्य के महाराजा रावेन एवं महाबली राजा महिषासुर के प्रति आस्था रखते हैं l
गोंडवाना के महाराजा रावेन को बुराई का प्रतीक मानकर पुतला दहन व महाबली राजा महिषासुर की प्रतिमा को दुर्गा प्रतिमा के साथ हिंसक रूप से प्रदर्शित करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 में उल्लेखित धर्म, वंश, जाति, लिंग अथवा जन्म-स्थान के आधार पर भेदभाव करना भारतीय संविधान का उल्लंघन है, साथ ही पर्यावरण (प्रकृति) सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऊंचे और बड़े पुतले बांस के सहारे बनाए जाते हैं और बांस में लेड व हेवी मेटल प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, जिसके जलने पर लेड ऑक्साइड बनता है जो कि एक खतरनाक न्यूरोटॉक्सिन है, इसके कारण न्यूरो और लीवर संबंधी खतरा बढ़ जाता है,
अतः महामहिम राज्यपाल महोदया से आग्रह है कि महाराजा रावेन (रावण)एवं असुर राजा महिषासुर के प्रति हमारी आस्था एवं पर्यावरण (प्रकृति) की सुरक्षा और "अनुच्छेद 15" को ध्यान में रखकर महाराजा रावेन (रावण)का पुतला दहन एवं महाबली राजा महिषासुर की हिंसात्मक प्रतीत करने वाले प्रतिमा बनाए जाने व सजाए जाने पर पूर्णतः प्रतिबंधित करने की कृपा करें ,
प्रमुख मांग :
महिषासुर का मूर्ति ना बनाएं , आदिवासी क्षेत्रों में दुर्गा पूजा, रावण ,कुंभकरण ,मेघनाथ दहन पूर्णतः बंद किया जाए,
अत: आपसे विनम्र निवेदन है कि उक्त विषय को गंभीरता से लेते हुए राजा रावेन (रावण) के पुतला दहन पर तत्काल रोक लगाने की कृपा करें!
छत्तीसगढ़ सूरजपुर से रिपोर्टर मुकेश सिहं ब्यूरो चीफ अब तक टीवी चैनल
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