ये कैसी मां: अपने ही कलेजे के टुकड़े को फेंक दिया
ये कैसी मां: अपने ही कलेजे के टुकड़े को फेंक दिया
स्कूल के किचन में भूसा जंजर बिल्डिंग में खाना बनाने के लिए मजबूर है रसोईया
स्कूल के किचन में भूसा जंजर बिल्डिंग में खाना बनाने के लिए मजबूर है रसोईया
उत्तर प्रदेश जनपद बहराइच के विकासखंड महसी के अंतर्गत ग्राम पंचायत प्राथमिक विद्यालय बैकुंठा जहां पर ना तो बाउंड्री है ना बच्चों के आने का रास्ता है प्रशासन की नजर अभी तक नहीं पड़ी 10 साल पूर्व जो रसोईया बनी थी अब जर्जर हो चुकी है जो रसोईया थी उसमें भूसा भरा हुआ है रसोई वाले का कहना है की हम लोग क्या करें जहां व्यवस्था मिलेगी उसी में तो खाना बनाना है हम लोग मजबूर हैं जिस जंजर बिल्डिंग में खाना बना रही वह बिल्डिंग कभी भी गिर सकती बहुत बड़ा हादसा हो सकता है आपको वीडियो के माध्यम से हम दिखाएंगे की जंजीर बिल्डिंग पूर्ण रूप से तब्दील हो चुकी फिर भी किसी भी आला अधिकारी की नजर नहीं पड़ रही अगर बिल्डिंग गिर जाए तो रसोईया वालों की मौत हो सकती मैं डीएम साहब से कहना चाहूंगा कि एक नजर में ग्राम पंचायत बैकुंठा मैं प्राथमिक विद्यालय पर जरूर डाले वहां की स्थिति दुरुस्त नहीं है जब नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाता है उसमें भ्रष्ट कर्मचारी पैसा का गबन कर जाते हैं तो वह बिल्डिंग ही सही रहेगा इस बिल्डिंग का मैं बात कर रहा हूं वह 10 साल पुराना है पूर्ण रूप से तब्दील हो चुका है
राकेश कुमार तहसील संवाददाता अब तक टीवी जिला बहराइच
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ये कैसी मां: अपने ही कलेजे के टुकड़े को फेंक दिया
उनका वजन 45 किलोग्राम होने के कारण सर्जरी में जोखिम था। ऑपरेशन के बाद ट्यूमर का वजन पांच किलो निकला।
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