9 अगस्त 2022 रामानुजनगर, जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ ।1


9 अगस्त 2022 रामानुजनगर, जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ ।1


आज रामानुजनगर  हायर सेकेंडरी ग्राउंड प्रांगण में 9 अगस्त 2022 विश्व आदिवासी दिवस का भव्य आयोजन किया गया । कार्यक्रम  के प्रारंभ में महापुरुषों के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित किया गया । 
तत्पश्चात कार्यक्रम स्थल से बाजार मार्ग से, चांदनी चौक, सुभाष चौक ,शहीद वीरनारायण सिंह चौक के पास जय स्तंभ पर पूजा पाठ किया गया । उसके बाद तहसीलदार महोदय को राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री राज्यपाल के नाम पर ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोशल एक्टिविस्ट युवा नेता बीपीएस पोया ने किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में बताया कि संयुक्त राष्ट्र UNO द्वारा   9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस घोषित किया गया है। आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, भारत के सर्वोच्च पद पर आदिवासी महिला महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति बनाया गया है हम उन्हें बधाई देते हैं परंतु हमारे लिए पर्याप्त नहीं है । जिस प्रकार से सरकार और प्रशासन पूंजीपति लोग के द्वारा आदिवासी के साथ अन्याय अत्याचार जुल्म किया जा रहा है।उनके निवास स्थान से विस्थापन कर उन्हें मजबूर किया जा रहा है यह आदिवासी समुदाय की सबसे बड़ी चुनौती है  । 
उन्होंने कहा की  भारत सरकार द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर नए प्रावधान, सविधान संशोधन कर जोड़ना चाहिए तभी  आदिवासी को इंडीजीनस पीपल्स एबोरिजिनल ट्राइब्स का अधिकार मिलेगा । संसद में ये इस बिल को लेकर सभी को इस पर हस्ताक्षर करना चाहिए ।, अनुच्छेद 1(1)को संशोधित कर इंडिया दैट इज गोंडवाना करे क्योंकि ये भू भाग पहले गोंडवाना था। 
संविधान संशोधन कर मूल निवासियों की दूसरी पीढ़ी के अधिकार को समविष्ट कर जल जंगल जमीन संस्कृति का मालिक बनाया जाए ।
संसद द्वारा अनुच्छेद 243 पर कानून बनाए जाए जिससे अनुसूचित क्षेत्र में गैर अनुसूचित क्षेत्र का निर्माण ना हो ।
जनगणना में आदिवासी का कोड बनाया जाए ।
पेशा नियम बनाए जाए । 
पेसा 1996 की धारा4 (0) अनुसार संसद अनुसूचित जिला में छठवी अनुसूची की तर्ज पर प्रावधान बनाएं । गोंडवाना राज्य व भील प्रदेश अन्य आदिवासी राज्य का निर्माण हों । सभी सिंधु सभ्यता से पहले के प्राचीन स्थलों को इंडिजिनियस प्रीहिस्टोरिक साइट्स, आदिवासी स्थल, पुरातत्व कानून से सुरक्षित किया जाए। अनुसूचित क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थान आवासीय विद्यालय, स्कूल, कॉलेज खोला जाए । आगे उन्होंने सरकार की गलत नीतियों न्याय व्यवस्था को लेकर भी   सवाल उठाएं और कहा कि आदिवासियों को मारा जा रहा है फर्जी नक्सली के नाम पर पांच 5 सालों तक जेल में रखा जाता है, सरकार एक भी टिप्पणी नहीं करती। आदिवासी का जानवरों से बदतर हालत हो गया है । इन सभी समस्याओं का समाधान सविधान को सकारात्मक संशोधन कर ही लाया जा सकता है ।   

बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन  उन्हें पुरस्कार भी दिया गया ।
आयोजक टीम  द्वारा स्वास्थ शिविर का भी आयोजन कराया गया ।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर नरेंद्र सिंह मरकाम ,राहुल नेटी, देवसाय बैगा, भानु मरकाम , बिमला मरकाम, सुमित्रा, तिलेश्वरी आयाम, रामप्रासाद , चिंतामणि, सत्यम उपस्थित रहे । 
कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्र के लोग महिलाएं पुरुष बच्चे मौजूद रहे   ।
छत्तीसगढ़ सूरजपुर से मुकेश सिहं रिपोर्ट अब तक टीवी चैनल

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