कामयाबी: UP में पहली बार टेस्ट ट्यूब तकनीक से जन्मे बछिया-बछडे़, बाराबंकी की प्रयोगशाला में चार बच्चों का जन्म
पशुपालन विभाग ने बाराबंकी में पशुओं में नस्ल सुधार पर प्रयोग करने के लिए प्रयोगशाला स्थापित कर रखी है।
प्रेमी के साथ मिलकर अपने लाल को उतारा मौत के घाट, सच जानकर अफसर भी हैरान
स्टोर संचालक अनुज कुमार उर्फ समर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ। परिवार से अलग रहने वाली मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर गला दबाकर अनुज की हत्या की थी। आरोपी प्रेमी ने अनुज के प्राइवेट पार्ट में डंडा भी डाला था। बाद में मां ने छोटे बेटे के साथ मिलकर शव को कॉलोनी के एक खाली प्लॉट में फेंक दिया गया था। पुलिस ने मां और शव ठिकाने लगाने में मदद करने पर छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। फरार प्रेमी देवेंद्र की तलाश की जा रही है। नंदनगरी कॉलोनी में एक खाली प्लॉट में पड़ा मिला था। अनुज की पत्नी अंजलि ने परिजनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करना और प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने की पुष्टि हो गई। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर मामले की जांच करते हुए आरोपियों पर शिकंजा कसा। मोदीनगर की जगतपुरी कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय अनुज कुमार 18 जुलाई को लापता हो गया था। करीब 15 दिन बाद तीन अगस्त को अनुज का शव
थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि मां कृष्णा देवी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो वह मामले को आत्महत्या बताकर गुमराह करती रही। पुलिस ने सख्ती की तो कृष्णा देवी टूट गई और उसने सच्चाई उगल दी। बताया कि दो दो अगस्त को अनुज ने उसे देवेंद्र के साथ देख लिया था। इस बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया था। कृष्णा देवी और देवेंद्र ने अनुज का गला दबा दिया और उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा मारा, जिससे अनुज की मौत हो गई। सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मां कृष्णा देवी और देवेंद्र ने गला दबाकर अनुज की हत्या की। भाई अभिषेक की मदद से शव खाली प्लॉट में फेंका गया। कृष्णा देवी और अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया गया है। 18 जुलाई से दो अगस्त के बीच अनुज कहां रहा, इसकी जानकारी आरोपियों को नहीं है। हत्यारोपी मां कृष्णा देवी ने बताया कि अनुज की हत्या करने के बाद शव ठिकाने लगाने के लिए वह दिनभर सुरक्षित स्थान खोजते रहे लेकिन कोई जगह नहीं मिली। इस चक्कर में शव दिनभर घर में पड़ा रहा। रात होने पर शव खाली प्लॉट में फेंक दिया। अनुज के शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने अपने छोटे बेटे को शामिल किया। पुलिस का कहना है कि कृष्णा देवी ने अभिषेक को फोन कर अपने पास बुलाया और अनुज की आत्महत्या करने की सूचना देकर उसे गुमराह किया। कृष्णा देवी ने अभिषेक को पुलिस का डर दिखाकर उसकी मदद से अनुज का शव खाली प्लॉट में फेंक दिया।
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