ढाई घाट पर बना श्मशान घाट जिसकी कोई देखरेख नहीं की गई।


यूपी अब तक टीवी न्यूज़ संवाददाता फर्रुखाबाद से ज्ञानचंद राजपूत                                                                      जो कि गंगा नदी पर बना श्मशान घाट जिसकी कोई किसी, प्रकार से व्यवस्था देखरेख करने बाला कोई नहीं दिख रहा है। बरसात में गंगा नदी का जल स्तर बड़ने लगता है जिससे गंगा जी पर आई हुई अर्थियों का दाह संस्कार करने के लिए इस बने हुए शमशान घाट जरूरत पड़ती है जिसके लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं साफ सफाई की। लेट्रीनो की दुर्दसा, कमरों में ताले लगे। दम तोड़ता हेड पंप। झाड़ियों से चारों ओर घिरा अर्थी जलाने वाले स्थान। प्रशासन सो रहा है। इसकी सरकारी जांच कर दोषियों पर कार्यबाही हो। कमरों का ताला खोला जाए जिससे अर्थी के साथ आए सभी बरसात से बच सकें भीगने से।

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