फूलों की कहानी


रंग बिरंगे फूल खिले हैं वन उपवन महकाते हैं
अपनी शोभनीय छवि से सबका मन मोह जाते हैं।

लाल,नीले,हरे,पीले अनगिनत रंग में मिलते हैं
भांति-भांति की सुगंध इनकी विभिन्न रूप में खिलते हैं।

तितलियों,भंवरे को ये अत्यधिक भाते हैं
अपनी मनमोहक सुगंध से उनको मंत्रमुग्ध कर
जाते हैं।

तोड़ लेता हैं पथिक उसे फिर भी उफ ये नहीं करते हैं
आकर उपयोग में उनके उस काम की शोभा बढ़ाते हैं।

कर के समर्पित अपने आप को हर रूप में ये ढल जाते हैं
बनकर हार किसी के गले का उस को खुश कर देते हैं।

हैं एक चाह मत तोड़ो इनको हैं ये वन उपवन की जान
महकाते रहे ये वातावरण को बनकर प्रकृति की शान।
 

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