छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा भारत के महान क्रांतिकारी समता स्वतंत्रता बंधुता


छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा भारत के महान क्रांतिकारी समता स्वतंत्रता बंधुता के जनक और गरीबों वंचितों के मसीहा छत पर शाहूजी महाराज जिस तरीके से सबको हद देकर के समता स्वतंत्रता बंधुता के प्रतीक थे वह एक आदरणीय इसलिए मैं सभी भाइयों बहनों और माताओं से अपील करना चाहता हूं कि सभी लोग केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ लें और जो लोग गरीब हैं वंचित हैं उन्हें योजनाओं का लाभ दिला कर समता बराबर लाने का काम करें केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा साहू जी महाराज मैं अपने शासनकाल में आरक्षण की व्यवस्था की और वह आरक्षण नहीं बल्कि छत पर शाहूजी महाराज ने कहा था कि यह भागीदारी इसलिए छत पर शाहूजी महाराज और हमारे पूर्वजों ने नारा दिया है जिसकी जितनी संख्या भारी उतनी उनकी भागीदारी होना चाहिए इसलिए मैं समाज के लोगों से अपील करना चाहता हूं समाज भागीदारी के लिए तैयार रहें और सरकारी सरकारी सभी जगह पर जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी भागीदारी केंद्रीय मंत्री भारत के प्रधानमंत्री का है और यही सपना राज्य मंत्री होने के नाते मेरा है और यही सपना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का योगी आदित्यनाथ ने आरक्षण क्या पूरा ध्यान रखते हुए सभी सरकारी योजनाओं का संचालित कर रहे केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा बहुत से लोग समझते हैं कि आरक्षण की बदौलत से दलित और पिछड़े अल्पसंख्यक समाज के भाई नौकरियों और ऊंचे पदों पर आ रही अगर आरक्षण नहीं होता तो शायद यह जीत मेरी होती यहां पर मेरी नियुक्ति होती मैं सांसद विधायक और अधिकारी होता मैं बताना चाहता हूं उस समय हमें आरक्षण दिया गया था अब हमें आरक्षण नहीं बल्कि आरक्षण के स्थान पर हमें भागीदारी मिलना चाहिए जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी भागीदारी होना चाहिए तभी सशक्त राष्ट्र बनेगा सशक्त देश होगा सरकारी हूं इसलिए हमें समता स्वतंत्रता बंधुता और एकता के सूत्र में बांधने के लिए हम सभी का धर्म बनता है कि हम सभी लोग जितनी जितनी संख्या भारी उतनी उसकी भागीदारी होना चाहिए पूर्णता का उदाहरण देते हुए कहा कि शाहू महाराज में भागीदारी देना शुरू किया आरक्षण देना शुरू किया तथाकथित सामंतवादी तत्वों ने विरोध किया कहा कि आरक्षण देना और छत पर शाहू महाराज को एक दिन घुड़सवार कि हां ले गए देखा कि जुड़े हुए हैं सभी के मुंह पर उनके खाने के थैला लटका है कहां जिसकी जितनी भूख होगी उतना खा लेगा और किसी का कोई अधिकार नहीं मार रहा है हाथ पर शाहू महाराज ने कहा यह आपने जो उदाहरण दिखाया है यह गलत उन्होंने कहा एक जगह पर तो घोड़ों के लिए बड़ा सा ढेर चने का लगा दिया और सभी घोड़ों को छोड़ छोड़ दिया घोड़े दौड़ पड़े खाने के लिए परंतु देर तक सभी नहीं पहुंच सके केवल 15 घोड़े पहुंचे बाकी जो कम और लड़ाकू नहीं थे वह खाने को नहीं पाए कहां देखा आपने देखा केवल 15 गुण होने 100 लोगों का खाना खा गए अगर इनकी निश्चित भागीदारी होती तो सबको बराबर भागीदारी मिलती इसलिए आरक्षण के साथ-साथ इनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाना चाहिए आज क्रांतिकारी सामाजिक परिवर्तन के मसीहा और दलितों पिछड़ों के जनक कहे जाने वाले छत्रपति शाहूजी महाराज को नमन वंदन करते हैं और आशा ही नहीं बल्कि उम्मीद करता हूं कि आप लोग उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर उनके सपनों का पूर्ण करेंगे जय भीम जय भारत नमो बुद्धाय जय क्रांतिकारी साथियों अब तक टीवी न्यूज़ चैनल

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