*विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों पर युवा कांग्रेस का हंगामा, जिलाध्यक्ष को पुलिस ने रोका*
----शिक्षकों के समायोजन में 15 से 25 लाख मांगने का आरोप, कुलपति को हटाने की मांग
----राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे युवा कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका, चौकी ले गई
अब तक न्याय ब्यरो चीफ वी डी अवस्थी
शाहजहाँपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और शैक्षणिक अव्यवस्थाओं को लेकर युवा कांग्रेस ने मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। जिलाध्यक्ष राम जी अवस्थी के नेतृत्व में कार्यकर्ता राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल को ज्ञापन देने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और सभी को चौकी अजीजगंज ले गई। बाद में अधिकारियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राम जी अवस्थी ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन सोमवार से ही उनके आवास के बाहर निगरानी कर रहा था। मंगलवार सुबह कार्यकर्ताओं के साथ ज्ञापन देने निकलने पर पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद चौकी इंचार्ज सुशांत सिंह रावत मौके पर पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत से वार्ता की। कार्यकर्ताओं के आगे बढ़ने पर पुलिस ने रास्ता रोक दिया और उन्हें चौकी पहुंचा दिया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी की व्यस्तता के चलते तहसीलदार न्यायिक राघवेश मणि त्रिपाठी और कोतवाली प्रभारी प्रदीप कुमार राय ने कार्यकर्ताओं से वार्ता कर ज्ञापन लिया। राम जी अवस्थी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलपति और कुलसचिव के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताएं बढ़ी हैं। शिक्षकों के समायोजन के नाम पर 15 से 25 लाख रुपये तक मांगे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कहा कि शैक्षणिक सत्र 22 अक्टूबर से शुरू कराया गया है, जबकि दिसंबर में परीक्षाएं कराने की तैयारी है। ऐसे में इतने कम समय में पाठ्यक्रम पूरा कराना और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है। इससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित होने की आशंका है। युवा कांग्रेस ने राज्यपाल से विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, शिक्षकों के समायोजन में धन मांगने की शिकायतों और शैक्षणिक अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ कुलपति को तत्काल पद से हटाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिला और प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। जिला उपाध्यक्ष शोभित मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है। यहां शिक्षकों के समायोजन में धन मांगने और शैक्षणिक सत्र में अनियमितताओं की शिकायतें गंभीर हैं। जिला मीडिया प्रभारी अनुभव ने कहा कि अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। ज्ञापन देने जा रहे कार्यकर्ताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस दौरान जिला महासचिव शिवओम मिश्रा, हिमांशु मुद्गल, अंकुर दीक्षित, रजनीश वर्मा, नितिन तिवारी, प्रशांत कुमार, सुधांशु मिश्रा, शिवांश कुमार, केशव मिश्रा, जितेंद्र पाल, दीपांश वर्मा और हर्षित सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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