9 लाख का कर्ज नहीं चुकाया तो बैंक ने मकान पर कसा शिकंजा, प्रशासन की मौजूदगी में संपत्ति जब्त
अब तक न्याय/ मो०उवैश मंसूरी
ऊंचाहार (रायबरेली)। बैंक से कर्ज लेकर उसे चुकाने में लगातार अनदेखी करना अब ऋण बकायेदारों को भारी पड़ सकता है। ऊंचाहार क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा प्रबंधन ने एक बड़े बकायेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रशासन की मौजूदगी में उसके मकान को जब्त करने की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के ऋण बकायेदारों में भी हलचल मच गई है। मामला इटौरा बुजुर्ग गांव का है। जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी सुशील कुमार मिश्र ने वर्ष 2016 में बैंक ऑफ बड़ौदा की इटौरा बुजुर्ग शाखा से नौ लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण की गारंटी के तौर पर उनके भाई उज्ज्वल मिश्रा और अजय कुमार मिश्रा ने गांव स्थित मकान को बैंक के समक्ष गारंटी के रूप में प्रस्तुत किया था। बताया जा रहा है कि ऋण लेने के बाद लंबे समय तक एक भी किश्त जमा नहीं की गई। बैंक प्रबंधन की ओर से वसूली के प्रयास किए गए, लेकिन बकाया धनराशि जमा नहीं होने पर मामला एडीएम न्यायालय तक पहुंच गया। बैंक ने ऋण वसूली के लिए न्यायालय में वाद दायर किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने संबंधित संपत्ति को जब्त करने का आदेश जारी किया। हालांकि, आदेश के बावजूद कार्रवाई में देरी होती रही। इसके बाद बैंक के रिकवरी विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते संपत्ति जब्ती की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नायब तहसीलदार अभय प्रताप सिंह तोमर की मौजूदगी में बैंक प्रबंधन की टीम गांव पहुंची और संबंधित मकान को जब्त करने की कार्रवाई की। इस संबंध में बैंक की मुख्य प्रबंधक प्रतिमा मिश्रा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मकान को जब्त करने की कार्रवाई की गई है। बैंक की इस कार्रवाई को ऋण वसूली के मामले में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह उन लोगों के लिए भी संदेश है, जो बैंक से ऋण लेने के बाद निर्धारित समय पर भुगतान नहीं करते और कानूनी कार्रवाई की अनदेखी करते हैं।
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