मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब के कारोबार को रोकने पहुंचे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है. इस घटना को लेकर कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार पर हमला बोला है. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिसकर्मियों को भी निशाना बना रहे हैं.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना का जिक्र करते हुए लिखा कि वीडियो में स्ट्रेचर पर ले जाया जा रहा शव उस पुलिस अधिकारी का है, जो अवैध शराब का कारोबार रोकने पहुंचा था और शराब तस्करों के वाहन ने उसे कुचलकर मार डाला. उन्होंने इसे केवल एक पुलिस अधिकारी की हत्या नहीं, बल्कि शराब माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के सामने कानून-व्यवस्था की नाकामी का प्रमाण बताया.
जीतू पटवारी ने प्रदेश के गृह मंत्री की कार्यशैली पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध शराब का कारोबार सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और गृह मंत्री से सवाल करते हुए कहा कि केवल बयान और कार्रवाई के दावों से काम नहीं चलेगा… सरकार को शराब तस्करी के नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुलिस इंस्पेक्टर दिलीप पुरी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना भी जताई. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव को टैग करते हुए घटना पर जवाब मांगा.
कांग्रेस ने कहा- प्रदेश में माफियाराज चल रहा है
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से घटना को लेकर सरकार पर हमला बोला. पार्टी ने कहा कि देवास जिले में शराब माफिया द्वारा कुचले जाने से खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी का निधन हो गया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब पुलिस और प्रशासन का मैदानी अमला भी सुरक्षित नहीं है. पार्टी ने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि इसका परिणाम अब मैदानी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है.
अरुण यादव ने पूछा- सरकार है या माफियाराज?
पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने भी इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में माफियाओं का राज चल रहा है और प्रदेश में लोकतांत्रिक सरकार नहीं, बल्कि माफिया सरकार है. अरुण यादव ने आरोप लगाया कि देवास के खातेगांव में शराब माफियाओं ने थाना प्रभारी दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलकर मार डाला. उन्होंने इसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा बताया. अरुण यादव ने सवाल उठाया कि जब कानून के रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा?
क्या है पूरा मामला?
देवास में अवैध शराब की तस्करी रोकने पहुंचे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचल दिया. इस घटना में उनकी मौत हो गई. मामला 1 और 2 नवंबर 2026 की दरमियानी रात का है. दरअसल, देवास के एसपी आदित्य मिश्रा ने शराब तस्करी की सूचना पर पांच से ज्यादा पुलिस टीमें बनाई थीं. रात करीब 1 बजे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को सूत्रों से सूचना मिली कि इंदौर-बैतूल हाईवे से एक आयशर ट्रक में अवैध शराब ले जाई जा रही है.
सूचना मिलते ही दिलीप पुरी बिना देर किए घर से निकले और पुलिस स्टाफ के साथ ट्रक को पकड़ने के लिए रवाना हो गए. खास बात यह थी कि थाना प्रभारी उस वक्त वर्दी में नहीं, बल्कि सिविल ड्रेस में थे. पुलिस टीम संदलपुर के पास इंदौर-बैतूल हाईवे पर पहुंची और संदिग्ध आयशर ट्रक को रोकने की कोशिश की. इसी दौरान ट्रक का अगला हिस्सा थाना प्रभारी से टकराया और वे सड़क पर गिर गए. इसके बाद ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया.
हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद पुलिस स्टाफ उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई. देवास एसपी आदित्य मिश्रा को भी घटना की जानकारी दी गई. अस्पताल में करीब दो घंटे तक उपचार और CPR के बावजूद थाना प्रभारी दिलीप पुरी को बचाया नहीं जा सका.
नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए
Facebook,
Instagram,
Twitter
पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे
YouTube
चैनल को भी सब्सक्राइब करें।
Leave a Comment: