दीपावली से पहले नियुक्ति शेड्यूल जारी करे सरकार, 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बुलंद की आवाज

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर ईको गार्डन में मनाया गया राष्ट्रीय एकता का पर्व, आंदोलन का 61वां दिन और क्रमिक भूख हड़ताल का छठा दिन

तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं दीपक पटेल और नसीम फरीदी, अभ्यर्थियों ने गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री से लगाई न्याय की गुहार

रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की आरक्षण विसंगति को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी करने की मांग को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने शनिवार को लखनऊ के ईको गार्डन में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती शांतिपूर्ण ढंग से मनाई। इस दौरान अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार, मंत्रिमंडल और बेसिक शिक्षा मंत्री से दीपावली से पहले नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी कर न्याय देने की मांग उठाई। आंदोलन का शनिवार को 61वां दिन रहा, जबकि क्रमिक भूख हड़ताल छठे दिन भी जारी रही।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग को लेकर संवैधानिक दायरे में रहकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया के शेड्यूल के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। दीपावली का त्योहार नजदीक होने के चलते अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की, ताकि वे भी अपने परिवारों के साथ घर पर दीपावली मना सकें।

दीपावली से पहले जारी हो नियुक्ति शेड्यूल, परिवारों के साथ मनाएं त्योहार

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष वर्मा और तूफान सिंह ने कहा कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि आंदोलन के दौरान उन्होंने संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है, लेकिन अभी तक नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी नहीं किया गया है और न ही इस संबंध में कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने आया है।

नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि दीपावली रोशनी, खुशियों और परिवार के साथ मिलकर त्योहार मनाने का अवसर है। उनकी भी इच्छा है कि वे इस प्रकाश पर्व पर अपने माता-पिता और परिजनों के साथ घर पर रहें और खुशियों के दीप जला सकें। उन्होंने सरकार से अपील की कि दीपावली से पहले भर्ती प्रक्रिया का शेड्यूल जारी कर अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर व्याप्त अनिश्चितता दूर की जाए।

अभ्यर्थियों के अनुसार, लंबे समय से चल रहे संघर्ष और भविष्य की चिंता ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रखा है। ऐसे में सरकार का सकारात्मक निर्णय हजारों प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए राहत का संदेश साबित हो सकता है।

तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती दो आंदोलनकारी अभ्यर्थी

आंदोलन के बीच दीपक पटेल, निवासी चित्रकूट, और नसीम फरीदी, निवासी बरेली, की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों अभ्यर्थी तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

आंदोलनकारियों ने दोनों अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने और भर्ती प्रक्रिया के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि आंदोलन में शामिल अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और अब सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।

मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

आंदोलन के धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दीपावली से पहले नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

नवीन चौधरी ने कहा कि यदि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर दीपावली मनाई जाएगी और अभ्यर्थियों की मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाएगा, तो आंदोलनकारी शांतिपूर्ण ढंग से मंत्री आवास के बाहर दीप प्रज्वलित कर दीपावली मनाएंगे। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहेंगे।

उनके इस बयान के बाद आंदोलन का केंद्र दीपावली से पहले नियुक्ति शेड्यूल जारी कराने की मांग बन गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता भर्ती प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराना और अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता प्राप्त करना है।

गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से भावुक अपील

आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से भी भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दीपावली को लेकर खुशियों और उत्साह का माहौल है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में न्याय की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के परिवारों में अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।

अभ्यर्थियों ने सरकार से सवाल किया कि जब प्रदेशवासियों के लिए दीपावली पर खुशियों और सुविधाओं की घोषणाएं की जा रही हैं, तो उनके भविष्य से जुड़ी मांग पर भी सकारात्मक निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दीपावली से पहले नियुक्ति शेड्यूल जारी कर उन्हें भी त्योहार की सौगात दी जाए, ताकि वे अपने परिवारों के साथ खुशियों का पर्व मना सकें।

सरदार पटेल की जयंती पर एकता और न्याय का संदेश

ईको गार्डन में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती मनाने के दौरान अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और न्याय की भावना को याद किया। उनका कहना था कि सरदार पटेल का जीवन दृढ़ संकल्प और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता की प्रेरणा देता है। इसी भावना के साथ वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों ने दोहराया कि उनका आंदोलन नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी होने और मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि दीपावली से पहले इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेकर प्रभावित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की उम्मीदों को पूरा किया जाए।

आंदोलन में ये अभ्यर्थी रहे मौजूद

ईको गार्डन में आयोजित कार्यक्रम और आंदोलन के दौरान गायत्री जायसवाल, रंजना जायसवाल, पूनम सोनी, सुमन यादव, उत्कर्ष सिंह, अनस इकबाल, मनीष पटवा, संजीव वर्मा, पंकज गोस्वामी, ललित कुमार, अरविंद कुमार, उमेश गुप्ता, आशीष यादव, राम भुवन गुप्ता, यशवंत सिंह, मनोज कुमार, अमित कुमार, संतोष कुमार और घनश्याम यादव सहित अन्य अभ्यर्थी मौजूद रहे।

अभ्यर्थियों का स्पष्ट संदेश है कि नियुक्ति शेड्यूल जारी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अब उनकी निगाहें दीपावली से पहले सरकार की ओर से होने वाली संभावित घोषणा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।