गोरखपुर। विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी,गोरखपुर शाखा द्वारा आयोजित स्वामी विवेकानंद शिकागो व्याख्यान प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित विभाग में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में गोरखपुर शहर के विभिन्न डिग्री कॉलेजों एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों के 1015 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो व्याख्यान के विचारों,भारतीय संस्कृति,मानवता,विश्वबंधुत्व तथा राष्ट्र निर्माण की भावना से विद्यार्थियों को परिचित कराना और उनके भीतर इन मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।समारोह की मुख्य अतिथि सुनीता सिंह, प्रबंधक, KIPM टेक्निकल कैंपस,GIDA,गोरखपुर रहीं।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर विनोद सोलंकी ने की,जबकि विशेष अतिथि प्रोफेसर अलख राय जी रहे। अतिथियों ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित विभागाध्यक्ष प्रोफेसर हिमांशु पांडेय, प्रोफेसर सुधीर कुमार श्रीवास्तव, प्रोफेसर वी. एस. वर्मा,KIPM टेक्निकल कैंपस के डायरेक्टर HR प्रोफेसर एस.पी. सिंह,एम.जी.डिग्री कॉलेज के गणित विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उमेश गुप्ता सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं में आत्मविश्वास,राष्ट्रप्रेम,सेवा,मानवता और राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करने में अत्यंत प्रासंगिक हैं। विद्यार्थियों की व्यापक सहभागिता इस बात को रेखांकित करती है कि युवा पीढ़ी स्वामी विवेकानंद के विचारों से जुड़कर उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए उत्साहित है।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।