मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में संचालित होने वाली बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा की जाएगी. इसके लिए सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित होंगे.


मध्यप्रदेश के नागरिकों को स्मार्ट, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का आयोजन किया जा रहा है. इस समिट में प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और उद्योग के नए अवसरों को बढ़ावा देने पर भी मंथन होगा.

 

इसमें पूरे देश से आने वाले परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे. विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी. साथ ही प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किेया जायेगा.

लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित

  यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड अंतर्गत मोबिलिटी विज़न: 2030 का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है. इसके अंतर्गत प्रदेश में 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी. इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान की जायेगी. साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा.

 

इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर दिया जाएगा विशेष जोर

पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से समिट में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा. वर्तमान में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें प्रदेश में संचालित हैं. इसके साथ आगामी 6 महीनों में 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी, जबकि वर्ष 2027 तक यह संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है. प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रॉस्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं. इससे सालाना 70,000 टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी.

यात्री सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक और 24×7 निगरानी

मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे. इन सेंटरों से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी. इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी.

सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है. इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी.

पीपीपी मॉडल के जरिए निजी ऑपरेटरों की सशक्त भागीदारी

आमजन के आवागमन को सुगम बनाने के लिये जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी. इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा. यह समिट निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित कर मध्यप्रदेश को देश के सबसे उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी.

परिवहन क्षेत्र में निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

समिट से यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी. इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

कल दोपहर 12 बजे तक करा सकेंगे पंजीयन

समिट में शामिल होकर अपने सुझाव देने के लिए इच्छुक प्रतिभागियों को ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा. पंजीयन की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2026 है. इच्छुक प्रतिभागी दोपहर 12 बजे तक https://forms.gle/f9wEvWb444JkzJgX6 लिंक पर जाकर पंजीयन करा सकेंगे. साथ ही https://events.eletsonline.com/mpyatriparivahansummit/ लिंक पर जाकर समिट से संबंधित अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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