राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान जारी है, जिसमें 39 जिलों के 162 निकायों में वोट डाले जा रहे हैं. इस दौरान BJP विधायक पर जनता को धमकाने और बूथों पर झड़प जैसी घटनाएं सामने आईं हैं.


राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान शुरू हो गया. 39 जिलों के कुल 162 नगरीय निकायों में मतदान हो रहा है. इसमें 4 नगर निगम, 24 नगर परिषद और 134 नगर पालिकाएं शामिल हैं. मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा. सभी स्थानीय निकायों के चुनाव दो चरणों में, 9 सितंबर और 11 सितंबर को हो रहे हैं. जबकि वोटों की गिनती 14 सितंबर को की जाएगी. 162 नगर निकायों में 7,683 मतदान केंद्रों पर कुल 57,52,278 मतदाता वोट डालेंगे. पोलिंग बूथों पर किसी भी प्रकार के गतिरोध या हंगामे को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

इस बीच बीजेपी विधायक हरिसिंह रावत पर जनता को धमकाने का आरोप लग रहा है. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया है. जिसमें पार्टी ने कहा कि बीजेपी के भीम विधायक हरिसिंह रावत जनता को धमका रहे हैं. वो कह रहे हैं वोट नहीं दिया तो मकान-दुकान तोड़ देंगे.

‘तानाशाही का जवाब जनता वोट की चोट से देगी’

कांग्रेस ने कहा कि पिछले ढाई साल में बीजेपी ने विकास के नाम पर एक काम नहीं किया, अब जनता को डराने और धमकाने में लगे हैं, उनकी छत और रोजगार छीनने की धमकी दे रहे हैं. पार्टी ने कहा कि ये बेहद शर्मनाक है. इस तानाशाही का जवाब राजस्थान की जनता वोट की चोट से देगी.

https://x.com/INCRajasthan/status/2097531791565582499?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2097531791565582499%7Ctwgr%5E667918b81226a1a5ae6855e7db4f547122425365%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Findia%2Frajasthan-civic-polls-phase-1-voting-bjp-congress-politics-3902202.html

 

कान खोलकर सुन लो, बाद में मुझसे मत बोलना…’

इस वीडियो में विधायक हरिसिंह रावत जनता से कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर वोट नहीं दिया तो मकान-दुकान तोड़ने में देरी नहीं लगेगी, कान खोलकर सुन लो और बाद में मुझसे मत बोलना.इसके साथ ही वो ये भी कह रहे हैं कि अगर उनका आदमी नहीं जीता और और किसी दूसरी पार्टी का नेता जीत गया तो विकास की कोई उम्मीद मत करना. उन्होंने ये भी कहा कि जिन लोगों ने उनके खिलाफ वोट दिया वो उनके सभी काले चिट्ठे खोल देंगे.

रायसिंहनगर नगर पालिका में हंगामा

वहीं श्रीगंगानगर जिले की रायसिंहनगर नगर पालिका के वार्ड 26 में मतदान के दौरान पोलिंग बूथ के बाहर हंगामे की खबर सामने आई है. राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में बने बूथ के बाहर जनता और SHO के बीच तकरार हुई है. बताया जा रहा है कि प्रत्याशियों को बूथ से दूर करने को लेकर मुकलावा थाना अधिकारी हेमलता शर्मा के साथ झड़प हुई है. सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थिति को संभाला. फिलहाल शांतिपूर्ण मतदान जारी है और पुलिस ने लोगों से बूथ से दूरी बनाए रखने की अपील की है.

अलवर में मारपीट का मामला

अलवर के वार्ड-43 के सूर्य नगर इलाके में मारपीट का मामला सामने आया है. दो युवकों ने बीजेपी प्रत्याशी जगदीश अटल और उनके समर्थकों पर लाठी-डंडों से मारपीट करने का आरोप लगाया है. मारपीट में दोनों युवक घायल हुए हैं. एक युवक के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसके करीब 15 टांके लगाए गए हैं, जबकि दूसरे युवक के चेहरे पर भी चोटें आई हैं.

‘जनता ने किया कांग्रेस को सत्ता में लाने का फैसला’

इधर कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने अलवर में अपना वोट डाला. इस दौरान उन्होंने कहा कि वोटर जागरूक हो गए हैं. राज्य में कांग्रेस के लिए बहुत अच्छा माहौल है. उन्होंने कहा कि यह सरकार पिछले तीन सालों से सत्ता में है, फिर भी अपनी कमियों को दूर करने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि जनता ने बीजेपी को हराने और कांग्रेस को सत्ता में लाने का फ़ैसला कर लिया है. उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर कुछ भी दिखाई नहीं देता.


https://x.com/ANI/status/2097530178742505686?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2097530178742505686%7Ctwgr%5E667918b81226a1a5ae6855e7db4f547122425365%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Findia%2Frajasthan-civic-polls-phase-1-voting-bjp-congress-politics-3902202.html

बीजेपी सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने डाला वोट

वहीं बीकानेर से केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने आज राज्य भर में हो रहे निकाय चुनावों के पहले चरण में बीकानेर में अपना वोट डाला. इस दौरान उन्होंने कहा ‘मेरे लिए यह गर्व की बात है कि मैंने जिस स्कूल में पढ़ाई की, वहीं अपना वोट डाला. यह लोकतंत्र का त्योहार है. पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से विकास हुआ है और हर क्षेत्र में तरक्की हुई है, उससे हमारी जीडीपी 7.8% की दर से बढ़ी है. विपक्ष को सिर्फ आलोचना करना आता है’.

भजनलाल सरकार का टेस्ट

ये चुनाव न सिर्फ बीजेपी की ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की व्यापक चुनावी रणनीति के अनुरूप है,बल्कि यह विशेष रूप से राज्य में बीजेपी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबला भी बन गया है. भजनलाल सरकार के लिए इसे एक टेस्ट भी माना जा रहा है.

सरकार के लिए यह चुनाव ढाई साल के कार्यकाल के बाद जनता के मूड को समझने का अहम मौका है. एक साथ हो रहे इन चुनावों ने राजस्थान की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. यह चुनाव केवल नगर निकायों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राज्य में बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए बड़े राजनीतिक परीक्षण के तौर पर देखा जा रहा है. चुनाव परिणाम यह संकेत दे सकते हैं कि शहरी राजस्थान का राजनीतिक रुझान किस दिशा में जा रहा है. इसके साथ ही इससे यह भी पता चलेगा कि सत्ता में आने के करीब ढाई साल बाद बीजेपी सरकार के प्रति मतदाताओं का रुख कैसा है.

जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन का असर

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शन ने भी इस चुनाव को न केवल बीजेपी बल्कि कांग्रेस के लिए भी अहम बना दिया है, जिसका असर इस चुनाव पर दिख सकता है. युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाना दोनों ही दलों के लिए एक बड़ी चुनौती है.

युवा मतदाताओं पर फोकस

18 से 25 साल की उम्र के मतदाता कुल मतदाताओं का करीब 14.7 प्रतिशत हैं. वहीं 26 से 35 साल की उम्र के मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 25.4 प्रतिशत है. यानी 35 साल से कम उम्र के मतदाता कुल मतदाता समूह का बड़ा हिस्सा हैं और चुनाव परिणामों पर उनका असर महत्वपूर्ण हो सकता है.

यही वजह है कि दोनों प्रमुख दलों ने टिकट वितरण में युवा चेहरों को जगह दी है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी ने करीब 51 प्रतिशत और कांग्रेस ने करीब 49 प्रतिशत ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिनकी उम्र 40 साल या उससे कम है. जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा जैसे बड़े शहरों में कांग्रेस और कांग्रेस ने युवा उम्मीदवारों पर दांव लगाया है.

राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका

राजस्थान में हो रहे नगर निकाय चुनाव सूबे की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. इससे काफी हद तक ये पता चल जाएगा कि क्या राज्य की जनता का बीजेपी पर भरोसा कायम है या फिर कांग्रेस अपनी खोई हुई पैठ जनता के बीच बनाने में कामयाब होगी. 309 नगर निकायों, 10,245 वार्डों और करीब 1.4 करोड़ मतदाताओं के बीच होने वाला यह चुनाव इन सवालों के जवाब देगा.

14 सितंबर को आएंगे नतीजे

14 सितंबर को आने वाले नतीजे सिर्फ नगर निकायों में किसकी सरकार बनेगी, यह तय नहीं करेंगे. बल्कि यह भी बताएंगे कि राजस्थान के मतदाताओं का मूड किस तरफ है और 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मुकाबला किस दिशा में बढ़ रहा है.

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।