पेपर लीक के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार को विपक्ष को घेरा है. बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, पेपर लीक को विपक्ष का दोहरा मापदंड है. कर्नाटक, झारखंड पर वो खामोश क्यों है. प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं.
संबित पात्रा ने कहा, कांग्रेस पार्टी का दोहरा रवैया है. झारखंड में हजारों छात्र रोजाना सोशल मीडिया के जरिए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, फिर भी कांग्रेस पार्टी झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में एक शब्द भी नहीं बोल रही है. वे संसद में भी यह मुद्दा नहीं उठा रहे हैं, क्योंकि यह चुनिंदा आक्रोश है और कांग्रेस पार्टी बस इससे राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है.‘एक भी प्रश्नकाल नहीं हुआ’
संसद के मॉनसून सत्र पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, एक सत्र पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं लेकिन जब से सदन शुरू हुआ है, संसद में प्रश्नकाल नहीं हुआ है. लगभग किसी भी बिल पर चर्चा नहीं हो रही है. इसकी वजह कांग्रेस और INDIA गठबंधन की कुछ पार्टियों का व्यवहार है.संबित पात्रा ने कहा, जब कर्नाटक पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में पेपर लीक को लेकर छात्रों ने विरोध किया और जब प्रियांक खरगे से पूछा गया कि क्या वह जिम्मेदारी लेंगे तो उन्होंने कहा कि पहले छात्रों को 25 दिन तक भूख हड़ताल करने दो, फिर हम लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद मैं अपने इस्तीफे के बारे में सोचूंगा. और अब तक, राहुल गांधी इस पर चुप हैं. आज भी, शायद वह संसद को चलने नहीं देंगे.
प्रियांक खरगे ने क्या कहा था?
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने पेपर लीक होने के विरोध और मंत्रियों की जवाबदेही की मांग पर अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया. जब उनसे पूछा गया कि क्या परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर कोई मंत्री इस्तीफा देगा, तो खरगे ने कहा, उन्हें 25 दिन तक भूख हड़ताल करने दें. अगर वे नहीं रुके, तो हम उन पर लाठीचार्ज करेंगे और तब मैं इस्तीफा दे दूंगा. राज्य पुलिस भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उनकी इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना हो रही है.
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से सीआईडी अधिकारियों ने जेपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में सोमवार को लगभग सात घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ का यह चौथा दौर था, जिसका सामना जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष को करना पड़ा. CID ने इससे पहले 28 जुलाई को खियांग्ते से नौ घंटे तथा 29 और 31 जुलाई को आठ-आठ घंटे पूछताछ की थी.
खियांग्ते ने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में 22 जुलाई को जेपीएससी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. खियांग्ते को पिछले साल फरवरी में राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर नियुक्त किया गया था.
रांची में छात्रों का अनशन
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियां के विरोध में रांची के में छात्रो का धरना चल रहा है. छात्र नेता देवेन्द्रनाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. JPSCJSSC परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की CID नही बल्कि CBI से जांच करवा कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग है. प्रदर्शनकारी 29 जुलाई से एक स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं.
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