राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन देर रातSBIकी अयोध्या शाखा पहुंचे, जहां देर रात तक बैंक के लॉकर में रखी गई कीमती धातुओं सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का निरीक्षण किया गया.


अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन देर रात स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अयोध्या ब्रांच में पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बैंक के लॉकर में रखे सोने, चांदी, कीमती आभूषणों समेत अन्य कीमती वस्तुओं और उनसे जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा की.मंदिर के सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के फोटोग्राफर भी उनके साथ मौजूद थे. बताया जा रहा है कि अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन सोमवार शाम अयोध्या में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा गए और देर रात तक वहां रुके. इस दौरान कीमती सामान की एक लिस्ट तैयार की गई और बैंक लॉकर में जमा सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं की चीज़ों की तस्वीरें ली गईं.ट्रस्ट के अकाउंट और अन्य रिकॉर्ड की जांच सूत्रों ने बताया कि कृष्ण मोहन पिछले तीन दिनों से ट्रस्ट के अकाउंट और अन्य रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल कर रहे थे, जिसके बाद फंड और कीमती धातुओं की अंतिम लिस्ट तैयार की गई. कृष्ण मोहन बैंक में मौजूद रहे और लॉकर में रखी प्रत्येक वस्तु की गुणवत्ता, मात्रा और रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की. इस दौरान ट्रस्ट के चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय और जगदीश अफले भी मौजूद थे.सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी नई SIT

कृष्ण मोहन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाई गई नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के मंगलवार से अपना काम फिर से शुरू कर सकती है. हालांकि उन्होंने बैंक के अपने दौरे के बारे में पूछे गए मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया. वहीं राम मंदिर में की गई व्यवस्थाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा ‘आप सभी आएं, दर्शन करें और खुद देखें. अगर कोई कमी हो, तो हमें बताएं’.

नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की नए सिरे से जांच शुरू की है. प्रारंभिक जांच में भक्तों द्वारा दान किए गए सोने, चांदी और कीमती आभूषणों के रखरखाव और रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठे थे. भक्तों ने अपने दान की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी. अब नई SIT अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगी. सूत्रों ने बताया कि जांच में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज के कई पहलुओं को शामिल किया जाएगा और इसमें फोरेंसिक विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

8 लोग गिरफ्तार     राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी का मामला जून के पहले हफ़्ते में सामने आया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपों की जांच के लिए 13 जून को एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई. शुरू में उन्हें जांच के लिए 15 दिन का समय दिया गया था. 23 जून को SIT की शुरुआती रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, 25 जून को FIR दर्ज की गई और आठ आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ ​​टिन्नू यादव को गिरफ़्तार किया गया 

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