बारिश में कैद होने को मजबूर कसई के ग्रामीण अपनी भूमि दान करने के बाद भी सड़क को तरसे


बारिश में कैद होने को मजबूर कसई के ग्रामीण अपनी भूमि दान करने के बाद भी सड़क को तरसे
*♦️रीवा : गुढ़  विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पतौता अंतर्गत कसई होते हुए बरहदी तक के अत्यंत जर्जर मार्ग के निर्माण को लेकर मोर्चा खोल दिया है।उन्होंने रायपुर कर्चुलियान जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप दुबे और जिला पंचायत रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से सीधे चर्चा कर ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है।
घरों में कैद होने को मजबूर ग्रामीण दान कर दी अपनी निजी भूमि
उमेश पीड़िहा ने जानकारी देते हुए बताया कि कसई गांव के लोग बारिश के समय रास्ता न होने के कारण अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।हद तो यह है कि कसई के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए अपनी निजी भूमि तक प्रशासन को दान कर दी इसके बावजूद भी आज तक प्रशासन वहां पक्की सड़क नहीं बनवा सका है।
अधिकारियों का आश्वासन दिखवाता हूँ मामला
मामले को लेकर जब जनपद सीईओ प्रदीप दुबे से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि 2 से 3 किलोमीटर की लंबाई का कार्य अमूमन पंचायत स्तर से नहीं हो पाता है।मुरूम और मिट्टी के कार्य का आदेश भी सीधे जनपद को नहीं है लेकिन मैं जल्द ही उपयंत्री को मौके पर भेजकर निरीक्षण करवाऊंगा।जो भी संभव व्यवस्था होगी उसे करने का प्रयास किया जाएगा।इसके बाद उमेश पीड़िहा ने जिला पंचायत रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर से संपर्क कर समस्या से अवगत कराया।जिला पंचायत सीईओ ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि वह तुरंत जनपद सीईओ रायपुर कर्चुलियान को इस संबंध में निर्देशित करेंगे और समस्या के निराकरण का हर संभव प्रयास करेंगे।
जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी की अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश क्षेत्र जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी के अंतर्गत आता है।उन्होंने हाल ही में अपने मद से कई पंचायतों में विकास कार्यों के लिए भारी भरकम राशि जारी की है लेकिन ग्राम पंचायत पतौता को पूरी तरह से उपेक्षित छोड़ दिया।विगत वर्ष जिला पंचायत सदस्य ने स्वयं मौके का निरीक्षण कर जल्द कार्य पूरा करवाने का झूठा आश्वासन दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि पतौता गांव से उन्हें भारी बहुमत मिला था इसके बावजूद आज वह इस गांव को भूल चुके हैं।पतौता और कसई गांव के उपेक्षित ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है क्या गांव की जनता सिर्फ नेताओं को वोट देने के लिए बनी है ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके मार्ग का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ तो आने वाले समय में वे चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों को वोट की चोट से इसका करारा जवाब देंगे।

मनिगवा विधानसभा  अब तक इंडिया प्रदीप पाण्डेय

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।