गुढ़।


गुढ़। गुढ़ बस स्टैंड में इन दिनों ऑटो चालकों की मनमानी और अव्यवस्था चरम पर पहुंच गई है। कई बार सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों द्वारा इस समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जब इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों से बात की जाती है तो कोई इसे थाना का कार्य बताता है तो कोई तहसील का। वहीं सवाल यह उठता है कि यदि यह किसी विभाग की जिम्मेदारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? चाहे परिवहन विभाग (RTO), तहसील प्रशासन हो या गुढ़ थाना, सभी संबंधित विभागों को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना होगा, अन्यथा गुढ़ का यातायात और अधिक जर्जर होता जाएगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार बस स्टैंड में कुछ कथित दलाल भी सक्रिय हैं, जो ऑटो चालकों से प्रति ऑटो 20 रुपये वसूलते हैं और उन्हें पहले सवारी दिलाने का आश्वासन देते हैं। इसी प्रतिस्पर्धा के चलते कई बार ऑटो चालकों के बीच विवाद और मारपीट की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। यह सब यात्रियों और आम नागरिकों के सामने होता है, जिससे भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।

आरोप यह भी है कि कुछ लोग खुलेआम ऑटो में बैठकर नशे का सेवन करते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं। इससे बस स्टैंड की व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक गुढ़ बस स्टैंड में यह "ऑटो राज" चलता रहेगा और कब तक जिम्मेदार विभाग कार्रवाई से बचते रहेंगे? आम जनता को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर व्यवस्था बहाल करेगा।

अब देखना यह होगा कि गुढ़ में ऑटो राज पर लगाम लगती है या फिर यह व्यवस्था ऐसे ही चलती रहेगी।
* अब तक इंडिया प्रदीप पाण्डेय

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