चकमार्ग की भूमि पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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रीवा के बहुचर्चित महसांव भूमि विवाद में आया ऐतिहासिक फैसला मंदिर का दावा कोर्ट ने किया खारिज*
रीवा जिले के गुढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम महसांव की बहुचर्चित भूमि विवाद मामले में करीब 14 वर्षों बाद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है।लंबे समय से न्यायालय में लंबित इस प्रकरण में अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि विवादित भूमि मंदिर की नहीं है, बल्कि निजी स्वामित्व की भूमि है।यह मामला वर्ष 2012 में तहसीलदार गुढ़ द्वारा प्रस्तुत एक व्यवहार वाद से शुरू हुआ था,जिसमें 19.0520 रकबे की भूमि को रामलला मंदिर महसांव की संपत्ति बताते हुए कलेक्टर रीवा को प्रबंधक घोषित करने की मांग की गई थी।वरिष्ठ जिला न्यायाधीश रीवा की अदालत में अपील की विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायालय ने 5 जून 2026 को अपना अंतिम निर्णय सुनाते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया है।अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि मंदिर की नहीं है और न ही कलेक्टर रीवा को उसका प्रबंधक माना जा सकता है।
अब तक इंडिया प्रदीप पाण्डेय
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