आमोद कुमार


आमोद कुमार 
बांदा।- संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेशव्यापी आह्वान के क्रम में कार्यालय जिला क्षय रोग के समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा आज उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित व्यक्तिगत पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रेषित किए गए। इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों, सेवा सुरक्षा, समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितीकरण तथा केवल NHM कर्मियों पर AMS (Attendance Management System) लागू किए जाने के प्रस्ताव के संबंध में कर्मचारियों की भावनाओं एवं समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाना था।
यह पत्राचार अभियान  राजेश यादव के नेतृत्व तथा भारतीय मजदूर संघ, बांदा के जिला अध्यक्ष रवि साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक संविदा कर्मचारी द्वारा स्वयं के नाम से अलग-अलग पत्र तैयार कर स्पीड पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया। कर्मचारियों ने इस माध्यम से प्रदेश सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण प्रयास किया।कर्मचारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मी वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोविड-19 महामारी सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, टीकाकरण अभियानों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल संचालन में NHM कर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इसके बावजूद कर्मचारियों की अनेक मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिससे उनमें निराशा का वातावरण व्याप्त है।पत्र के माध्यम से कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि वर्तमान में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली पहले से लागू है, इसके बावजूद केवल NHM कर्मचारियों पर AMS लागू करने का प्रयास भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है। कर्मचारियों ने मांग की कि जब तक उनकी प्रमुख समस्याओं एवं लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक AMS लागू करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए मुख्यमंत्री जी को अपने-अपने पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रेषित किए।संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह न्यायोचित हैं और उनका संबंध न केवल कर्मचारियों के हितों से बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से भी जुड़ा हुआ है। यदि संविदा कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन एवं बेहतर कार्य परिस्थितियां प्राप्त होंगी तो स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकेंगी। में सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा तथा लंबित मांगों के समाधान हेतु लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया तथा प्रदेश सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की।

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