बाबा साहब की अस्थि कलश सम्मान का प्रतीक, किसी भी कीमत पर नहीं हटने देंगे : राजेश कुमार सिद्धार्थ
लखनऊ में डॉ. अंबेडकर महासभा में हजारों कार्यकर्ताओं का ऐतिहासिक संकल्प
लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. अंबेडकर महासभा में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान और उनकी ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा को लेकर विशाल जनसंकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा और बहुजन समाज के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बाबा साहब की पवित्र अस्थि कलश, प्रतिमा और भारतीय संविधान को नमन करते हुए उनके सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया।
अस्थि कलश को हटाने के प्रयास का विरोध
जनसमूह ने एक स्वर में कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की अस्थि कलश को वर्तमान स्थान से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। लोगों ने इसे करोड़ों लोगों की आस्था, सम्मान और सामाजिक चेतना का प्रतीक बताया।
राजेश कुमार सिद्धार्थ का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बाबा साहब ने अपना जीवन सामाजिक समानता, मानवाधिकार, शिक्षा और न्याय के लिए समर्पित किया। उन्होंने भारतीय संविधान का निर्माण कर देश के हर नागरिक को अधिकार और सम्मान प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब की स्मृतियों और धरोहरों की रक्षा केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
स्मारक को भव्य बनाने की मांग
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि वर्तमान स्थल को और अधिक भव्य बनाकर राष्ट्रीय प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि देशभर से आने वाले लोग बाबा साहब के विचारों और संघर्ष से प्रेरणा ले सकें।
जनआंदोलन की चेतावनी
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि यदि अस्थि कलश को हटाने का कोई प्रयास किया गया तो बहुजन समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी भविष्य में बड़े जनआंदोलन का कारण बन सकती है
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