लव सिंह यादव/ अब तक न्याय


फतेहपुर में बाइक चोरी का सनसनीखेज मामला: पत्रकार विनोद मिश्रा की बाइक मिनटों में उड़ा ली, पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप!

लव सिंह यादव/ अब तक न्याय 

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। बेखौफ चोर अब खुलेआम घरों, दुकानों और यहां तक कि पत्रकारों के आवासों पर हाथ साफ कर रहे हैं। ताजा मामला सदर कोतवाली के उत्तरी शांतिनगर क्षेत्र का है, जहां स्थानीय पत्रकार विनोद मिश्रा की बाइक उनके घर के ठीक सामने से चोरी हो गई। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें चोर साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन 24 घंटे गुजर जाने के बावजूद पुलिस चोरों के नेटवर्क तक नहीं पहुंच पाई। इसके बजाय, पीड़ित पत्रकार का बयान दर्ज करने तक सीमित हो गई कार्रवाई।यह घटना न केवल आम नागरिकों में दहशत फैला रही है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रही है। कबाड़ियों और चोरों के कथित गठजोड़ की कहानी भी सामने आ रही है, जहां हफ्ता वसूली के चलते पुलिस कबाड़ी व्यवसायियों पर हाथ डालने से कतराती नजर आ रही है। जिले में बाइक चोरी के नेटवर्क का दायरा इतना बड़ा है कि चोरी की गाड़ियां स्थानीय स्तर पर न खपने पर तुरंत दूसरे जिलों या राज्यों में पार हो जाती हैं। क्या यह सब पुलिस की निष्क्रियता का नतीजा है? आइए, इस मामले की गहराई में उतरें।

घटना का पूरा विवरण: मिनटों में उड़ी बाइक, सीसीटीवी में कैद चोर 28 नवंबर 2025 को करीब 10:20 बजे फतेहपुर सदर कोतवाली के उत्तरी शांतिनगर मोहल्ले में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार विनोद मिश्रा अपने घर के बाहर बाइक खड़ी करके अंदर चले गए। मात्र 10-15 मिनट बाद जब वे लौटे, तो बाइक गायब थी। आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर पता चला कि एक युवक, जो काले कपड़ों में मास्क पहने हुए था, बाइक को स्टार्ट करके आराम से ले उड़ा। फुटेज में चोर का चेहरा साफ दिख रहा है—लगभग 25-30 वर्ष की उम्र, पतला कद काठी, और तेज रफ्तार से भागता हुआ।पीड़ित पत्रकार विनोद मिश्रा ने बताया, "घर के ठीक सामने पार्किंग में बाइक थी। मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इतनी हिम्मत चोरों में होगी। सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिया, लेकिन 24 घंटे बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं। सिर्फ बयान दर्ज कर लिया गया। अगर पत्रकार की बाइक सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी का क्या होगा?" मिश्रा, जो स्थानीय समाचार पत्रों में अपराध और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं, ने कहा कि यह घटना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति से ज्यादा, पूरे समाज के लिए खतरे की घंटी है।घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक रिपोर्ट में चोरी का मामला (धारा 379 IPC) दर्ज किया गया, लेकिन फुटेज के आधार पर चोर की पहचान या नेटवर्क तक पहुंचने में कोई प्रगति नहीं हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह इलाका सदर बाजार के निकट होने के बावजूद रात में अंधेरा छा जाता है, और स्ट्रीट लाइट्स की कमी चोरों को खुला मैदान दे रही है।

 

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