सामूहिक प्रयासों से ही बनेगा विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश: डीएम
डीएम ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, समर्थ पोर्टल पर सुझाव देने का किया आह्वान
संत शिरोमणि रविदास मंदिर पर मनाया गया भव्य दिपोत्सव और एक दूसरे को मिठाईयां खिलाते हुए दी दिपोत्सव की शुभकामनाएं
मिर्जापुर जिले के पहाड़ी ब्लाक में ग्राम पंचायत पंडरी में संत शिरोमणि रविदास मंदिर पर मनाया गया भव्य दिपोत्सव। इस दिपोत्सव आयोन में जलाया गया 1001 दिप । बताया गया कि यह परम्परा बहुत ही पहले से मनाया जाता है।इस दिपोत्सव में कई गांवों के लोगों ने भाग लिया।पुरा मंदिर परिसर दिप से जगमगा उठा। और पटाखे से गुज रहा था। सभी लोगों द्वारा बहुत ही उत्साह पूर्वक दिपोत्स मनाया गया और एक दूसरे को मिठाईयां खिलाते हुए दिपोत्सव की शुभकामनाएं दी गई। इस दिपोत्सव आयोजन में विजय बहादुर,रोहित अम्बेडकर, राधेश्याम,जीत लाल,ओ पी भाई, महेंद्र, दिपक , चन्द्र प्रकाश, राधे मोहन, राजेश, लालू,जूगनू तथा सभी ग्रामवासि सामिल हुए।
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डीएम ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, समर्थ पोर्टल पर सुझाव देने का किया आह्वान
दीपावली: अंधविश्वास या वैज्ञानिक कारण भूमिका भारत को “त्योहारों का देश” कहा जाता है। यहाँ प्रत्येक पर्व के पीछे कोई न कोई सांस्कृतिक, धार्मिक या प्राकृतिक उद्देश्य छिपा होता है। इन्हीं पर्वों में सबसे प्रमुख और व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है – दीपावली। यह केवल एक धार्मिक त्योहार नह
1. धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण दीपावली का मुख्य आधार अध्यात्म और परंपरा है। यह दिन भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया गया था — यह रामायण से जुड़ा प्रसंग है। जैन धर्म में इसे भगवान महावीर के निर्वाण दिवस के रूप में माना जाता है। सिख धर्म में यह दिन गुरु हरगोबिंद जी की रिहा
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