कनहर और सोन की धारा मोड़ लीज से हट कर हो रहा है अवैध खनन जिले के आला अधिकारी और जन प्रतिनिधि है मौन


म्योरपुर/सोनभद्र(आरएनएस)। दक्षिणांचल के  सोन और कनहर नदियों में लीज से हट कर खनन और बीच  धारा को बाधित कर नियमो को जेब में डाला जा रहा है।आदिवासियों की संस्कृति और आस्था को  चोट  पहुंचाया जा रहा है नदी और पहाड़ इनकी जिंदगी है।लेकिन जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले चांदी काट रहे है। सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के वरिष्ठ सदस्य और देश विदेशो तक पहचान रखने वाले पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा ने  मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व संध्या पर कहा है कि सोन नदी और कनहर नदी का अस्तित्व खतरे में पढ़ गया है।  
    दुद्धी तहसील के  खोखा बालू साइड में वहा से हट कर बोधा डीह में खनन हो रहा है। और कोरगी में बीच धारा को बाधित कर मानक से  ज्यादा गहरा खुदाई की जा रही है। जिससे जलीय जीवों का  भी अस्तित्व संकट में है।कहा कि आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री ने  कहा था सोनभद्र में माफियाओं से सचेत रहे  जो प्राकृतिक संपदा पर नजर गड़ाए है उन्हे सफल नहीं होने देना है उन्होंने आदिवासी संस्कृति और सोनभद्र को दुनिया का सबसे पुराना बताते हुए कई सुझाव दिए थे।
    लेकिन  एक मंत्री और एक विधायक के होते हुए प्राकृतिक संपदा की लूट मची है। ना जनप्रतिनिधि बोल रहे है ना अधिकारी कार्यवाही कर रहे है, कहा की अगर दोनो खनन के प्रति संवेदन शील होते तो नदियों की यह दुर्दशा नही होती। पर्यावरण कार्यकर्ता ने कहा हम लीज के खनन को लेकर कोई विरोध नहीं जता रहे है। हम नदियों में हो रहे अवैध खनन की रोक की मांग कर रहे है। और मांग कर  रहे है कि दूधी विंधमगंज रेंजरों और  प्रभारी खनन अधिकारी की भूमिका की गोपनीय जांच और एस आई टी गठित कर  कराया जाए।कहा की मुख्यमंत्री के कुछ पार्टी के कार्यकर्ता ही खनन को बढ़ावा दे रहे है। दूसरी समस्या प्रदूषण की है जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

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Rajesh Kumar Siddharth

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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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