ढाई घाट गंगा नदी का जलस्तर विकराल  रूप धारण करने की ओर अग्रसर।


ढाई घाट गंगा नदी का जलस्तर विकराल  रूप धारण करने की ओर अग्रसर।                            शमसाबाद फर्रुखाबाद की गंगा नदी ढाई घाट का जलस्तर काफी उफान के साथ बढ़ रहा है जो चिंता का विषय बना हुआ है आज भी कुछ लोग मछली पकड़ने के लिए बाध्य हैं नहीं मान रहे हैं।अपनी जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। परिवार को जोखिम में डाल रहे हैं जिनका यह सहारा बने हुए हैं।नाव के सहारे गंगा नदी के अंदर मछली पकड़ने का काम जोरों पर कर रहे हैं। जो जान के लिए खतरा बना हुआ है। कोई भी घटना घट सकती है। गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। फिर भी यह लोग नहीं मान रहे हैं प्रशासन के कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं । गंगा नदी के पुल से पुलिस प्रशासन व अन्य अधिकारी गणों का आवागमन होता रहता है। जिसका इन लोगों पर मछली पकड़ने वालों पर कोई असर नहीं पड़ता ।आदत से मजबूर है ।जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई भी हादसा हो सकता। गंगा नदी के अंदर तेज भाव में मछली पकड़ना मौत को दावत देने के बराबर है । बीच गंगा में जाल बिछाकर मछली पकड़ना जीवन से मौत के सौदा करने के बराबर है।जीवन का अंत भी हो सकता है। कई परिवार इसकी चपेट में आ सकते हैं।देखते हैं प्रशासन के कान में जूं रेंगती है कि नहीं।इस पर कितना अंकुश लगा पाती है कि नहीं । इन लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।अब तक टीवी न्यूज़ संवाददाता फर्रूखाबाद से ज्ञानचंद राजपूत

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