सौख देहाती गांव नगला आसा में परोसी गई दूषित दाल 


सौख देहाती गांव नगला आसा में परोसी गई दूषित दाल 


प्रशासन का नहीं है इधर कोई ध्यान सीडीपीओ करती है मनमानी

पहले भी दाल का मामला कई बार संज्ञान में आया है लेकिन प्रशासन सोया  है  गहरी नींद

पहले पहले भी कई बार मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई

मामला आंगनबाड़ी सॉख देहात के नगला आशा का जिसमें कई बार गर्भवती महिलाओं के लिए फफूंदी लगी दाल का वितरण किया गया जिसका जहर बन चुका है जिसे गर्भवती महिलाओं ने लेने से इंकार कर दिया उनकी जान माल का खतरा बताया 2 महीने पहले भी यह शिकायत गांव नगला आशा में देखने को मिली जिसने प्रधान ने सुपरवाइजर राम भाई पाल को अवगत कराया लेकिन बाद में भी सड़ी गली दार गर्भवती महिलाओं को वितरित की गई जो पत्रकार बंधु मौके पर पहुंचे तो उन्होंने मामला संज्ञान में लेते हुए प्रशासन को अवगत कराने के लिए जिसमें सीडीपीओ पूर्णिमा पांडे से मुलाकात की तो उन्होंने बोलने से मना कर दिया कि मैं पत्रकारों से कोई भी बात नहीं करती नगला सा से कमलेश आडवाणी ने बताया कि सड़ी हुई दाल गोदाम से ही मिली है जो कि गोदाम में कई कई महीने पुरानी दाल को यह वितरित करती हैं जय मामले पहले भी मगोर्रा और आनयोर और सी पलसौ में देखने को मैं देखने को मिला है जिसमें महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था लेकिन प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं करता सुपरवाइजर मनमानी करती हैं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सस्पेंड कराने की धमकी देती हैं कोसा आंगनवाड़ी चंदा देकर सुपरवाइजर को अपना बचाव करती हैं देखना हुआ कि प्रशासन इन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है
ब्यूरो चीफ आलोक तिवारी
जनपद मथुरा ( ग्राम सौंप)

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