उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जल निगम को दो टुकड़े में विभाजित किए जाने के फलस्वरूप प्रभावित हुए जनहित शासकीय हित तथा कार्य में खेत के दृष्टिगत विभाजन को समाप्त कर जल जल निगम को  एकीकृत  


उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जल निगम को दो टुकड़े में विभाजित किए जाने के फलस्वरूप प्रभावित हुए जनहित शासकीय हित तथा कार्य में खेत के दृष्टिगत विभाजन को समाप्त कर जल जल निगम को  एकीकृत         किए जाने के संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने वर्ष 1997 से लगातार प्रभावित हो रही वित्तीय स्थिति एवं कार्मिकों पेंशनरों को 4 माह से बकाया वेतन /पेंशन का भुगतान न होने के साथ ही रिटायरमेंट देयो आदि   की लगभग 1600 करोड रुपए से अधिक देनदारियों का भुगतान न होने की स्थिति में अभी तक कोई सुधार नहीं आया है जल निगम को 9 सितंबर 2021 को दो भागों में विभाजित कर दिए जाने के बाद भी ना तो इसकी भी स्थिति में कोई सुधार हुआ और ना ही पेयजल सीवरेज नदी प्रदूषण आज के कार्य में कोई अपेक्षित प्रगति नहीं हुई और जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल को नल से जल कार्य में देश की अधिकांश राज्यों की प्रगति 50_ 100% है जबकि उत्तर प्रदेश की प्रगति मात्र 16% है जल निगम का विभाजन जिस उद्देश्य पूर्ति के लिए किया गया था वह न केवल असफल सिद्ध हुआ विभाजन के फल स्वरुप प्रशासनिक वे हद से बढ़ गया और दोनों निगमों में अव्यवस्था एवं अराजकता कि स्थिति उत्पन्न हो गई इस संबंध में संघर्ष समिति द्वारा पेयजल सीवरेज ड्रेनेज नदी प्रदूषण के कारण सहित 94 वर्ष पुरानी क्षमता का संक्षिप्त विवरण श्वेत पत्र के रूप में तैयार किया गया है जिसे एक ही प्रशासनिक विभाग के अधीन किया जाए जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने वर्ष 1997 से लगातार प्रभावित हो रही वित्तीय स्थिति एवं कार्मिकों पेंशनरों को 4 माह से बकाया वेतन /पेंशन का भुगतान न होने के साथ ही रिटायरमेंट देयो आदि   की लगभग 1600 करोड रुपए से अधिक देनदारियों का भुगतान न होने की स्थिति में अभी तक कोई सुधार नहीं आया है जल निगम को 9 सितंबर 2021 को दो भागों में विभाजित कर दिए जाने के बाद भी ना तो इसकी भी स्थिति में कोई सुधार हुआ और ना ही पेयजल सीवरेज नदी प्रदूषण आज के कार्य में कोई अपेक्षित प्रगति नहीं हुई और जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल को नल से जल कार्य में देश की अधिकांश राज्यों की प्रगति 50_ 100% है जबकि उत्तर प्रदेश की प्रगति मात्र 16% है जल निगम का विभाजन जिस उद्देश्य पूर्ति के लिए किया गया था वह न केवल असफल सिद्ध हुआ विभाजन के फल स्वरुप प्रशासनिक वे हद से बढ़ गया और दोनों निगमों में अव्यवस्था एवं अराजकता कि स्थिति उत्पन्न हो गई इस संबंध में संघर्ष समिति द्वारा पेयजल सीवरेज ड्रेनेज नदी प्रदूषण के कारण सहित 94 वर्ष पुरानी क्षमता का संक्षिप्त विवरण श्वेत पत्र के रूप में तैयार किया गया है जिसे एक ही प्रशासनिक विभाग के अधीन किया जाए

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