बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भाई बहन के प्रेम का प्रतीक माने जाने वाला त्यौहार रक्षाबंधन*


  1. बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भाई बहन के प्रेम का प्रतीक माने जाने वाला त्यौहार रक्षाबंधन*

    बांदा -आज श्रावण मास के अंतिम दिन इस पावन पर्व को बड़े हर्षोल्लास के साथ विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी मनाया 
     सभी बहनों ने अपने अपने घर पहुंचकर अपने छोटे बड़े भाईयो को रक्षासूत्र राखी बाधंती है तो वहीं भाई भी अपनी बहनो की रक्षा करने का संकल्प लिया, व भाईयो ने अपने बहनों को विभिन्न प्रकार के उपहार गिफ्ट भी दिया है 

    इस त्यौहार को लेकर माताओं बहनों तथा बड़े बुजुर्गों का मानना है कि इस त्यौहार की शुरुआत द्वापर युग में हुई थी खेल खेल में भगवान श्री कृष्ण के हाथ से रक्त बहने लगा तो द्रोपदी ने अपने दुपट्टे का कुछ हिस्सा फाड़ कर भगवान श्री कृष्ण के हाथ में बांधा तब से इस प्रथा को भाई और बहन के पावन प्रेम के अटूट बंधन के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

    वही माताओं बहनों ने बताया कि प्रातः काल से लेकर मध्यकाल तक कजलियों को लेकर विसर्जित किया जाता है तत्पश्चात सभी बहने अपने अपने भाइयों के मस्तक में हल्दी चावल का तिलक कर तथा मिठाई खिलाकर भाइयों की कलाई में पवित्र रक्षा सूत्र बांधतीं हैं और भाई अपनी अपनी बहनों को आजीवन रक्षा करने का वचन देते हैं साथ ही साथ उपहार भी भेंट करते हैं

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